सरकार ने तैयार की नई ई-वाहन पॉलिसी, 2023 तक दिल्ली की सड़कों पर चलेंगे 25 प्रतिशत ई-वाहन

राजधानी में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने ई-वाहन पॉलिसी तैयार कर ली है। इस नई पॉलिसी के तहत 2023 तक दिल्ली में 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने तैयार की नई ई-वाहन पॉलिसी, 2023 तक दिल्ली की सड़कों पर चलेंगे 25 प्रतिशत ई-वाहन

खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को ई-वाहनों की कीमतों पर आकर्षक छूट की दी जाएगी। 

इस पॉलिसी के ड्राफ्ट को मंगलवार से जारी कर दिया गया और सरकार ने दिल्ली वासियों की प्रतिक्रिया के लिए परिवहन विभाग की वेबसाइट पर भी इस ड्राफ्ट को डाला है।

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी-2018 के ड्राफ्ट को जारी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राजधानी में बढ़ते प्रदूषण का लगभग 30 फीसदी हिस्सा वाहनों से पैदा होता है, इसलिए दिल्ली में शून्य उत्सर्जन वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने की जरूरत है।

ई-वाहनों के प्रयोग को तेजी से बढ़ावा देने के लिए वाहन चालकों को बेहतर ऑफर्स देने की योजना है। पॉलिसी में ई-वाहनों के प्रयोग को आसान और परेशानी मुक्त बनाने के लिए वाहनों की बैटरी चार्जिंग और स्वैपिंग स्टेशन सभी इलाकों में तीन किमी के दायरे में बनाए जाएंगे। इस ड्राफ्ट को एक महीने बाद प्रभाव में लाना शुरू कर दिया जाएगा।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर

पॉलिसी में दुपहिया ई-वाहनों की खरीद के लिए पेट्रोल वाहनों की तुलना में 22000 रुपये तक की छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए दुपहिया वाहनों को चलाया जाएगा। 

बीएस-2 और बीएस-3 के पुराने दुपहिया वाहनों को बेचकर दुपहिया ई-रिक्शा ऑटो खरीदने पर 15 हजार तक का प्रोत्साहन लाभ दिया जाएगा। ई-ऑटो को ओपन परमिट दिया जाएगा। 

व्यक्तिगत ई-ऑटो के मालिकों को 12500 रुपये की डाउन पेमेंट सब्सिडी और 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। इसके साथ ही ई-ऑटो का प्रयोग करने वाले यात्रियों को प्रति ट्रिप 10 रुपये का कैशबैक भी दिया जाएगा।
 

ई-रिक्शा

पॉलिसी में ई-रिक्शा के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए एडवांस लेड एसिड बैट्री वाले ई-रिक्शा की बैट्री को बदलकर ई-बैट्री मुहैय्या करवाई जाएगी। व्यक्तिगत ई-रिक्शा मालिकों को वाहन खरीदने पर 20 हजार रुपये तक की सब्सिडी और पांच प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देने की योजना है।      

ई-कैब
पॉलिसी में ई-कैब के लिए पंजीकरण शुल्क, रोड टैक्स और एमसीडी की वन टाइम पार्किंग फीस पर पूरी छूट दी जाएगी। इसके साथ ही ई-कैब में यात्रा करने वाले लोगों को प्रति यात्रा पर 10 रुपये तक का कैशबैक दिया जाएगा।      

ई-बस
पॉलिसी के तहत राजधानी में 2019 तक चलने वाली एक हजार बसों में से कम से कम 50 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक होंगी। इसके साथ ही संपूर्ण ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सभी आकार के निजी स्टेज-कैरिज वाहनों के भी 2023 तक 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक होने की बात कही गई है।   

इलेक्ट्रिक माल वाहक

इलेक्ट्रिक माल वाहक वाहनों के खरीदने पर सरकार पहले 500 ई-कैरिज वाहनों (स्वैपेबल बैटरी वाले) के लिए 20 हजार रुपये तक की सब्सिडी देगी। वहीं ई-माल वाहनों के विशेष समय के बीच चलने और खड़े करने पर लगने वाले प्रतिबंध को भी हटाया जाएगा। इसके साथ ही वाहनों के रोड टैक्स, पंजीकरण शुल्क और वन टाइम एमसीडी पार्किंग पर भी इन वाहनों को छूट मिलेगी।      

चार्जिंग के लिए विशेष व्यवस्था
ई-वाहन सिस्टम को लागू करने और सफल बनाने के लिए सरकार पब्लिक चार्जिंग स्टेशन बनाएगी। ये स्टेशन पार्किंग क्षेत्रों, बस डिपो, टर्मिनल और मेट्रो स्टेशनों समेत अन्य जगहों पर बनाने की योजना है। वाहन चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराने वाले निविदा के तहत चुने जाने वाले एनर्जी ऑपरेटर्स को 100 प्रतिशत तक की कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। पुरानी बैट्रियों की खरीद-फरोख्त के लिए एक नोडल एजेंसी काम करेगी और इसके तहत वाहन चालक बैट्रियों को डायरेक्ट निपटान नहीं कर सकेंगे।      

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