सरकार की मुखिया राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, बदरीनाथ हाईवे पर सफर कष्टकारी

बदरीनाथ हाईवे की हालत से सरकार की मुखिया राज्यपाल बेबी रानी मौर्य आहत हैं। चार घंटे के सफर को छह घंटे में तय करने के बाद उन्होंने टिप्पणी की कि ‘यहां सड़क से सफर कष्टकारी है।’ राज्यपाल दो दिवसीय दौरे के बाद बदरीनाथ से लौट रहीं थीं। बदरीनाथ से गौचर तक करीब 130 किलोमीटर की दूरी को तय करने में उनके काफिले को छह घंटे लग गए।
दरअसल, इन दिनों बदरीनाथ हाईवे पर ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। चार धाम यात्रा के मद्देनजर 30 जून से रोड कटिंग का कार्य तो बंद है, लेकिन जगह-जगह लगे मलबे के ढेर से धूल तो उड़ ही रही है, साथ ही सड़कों पर पड़े गड्ढों से जाम भी लग रहा है। विशेषकर कर्णप्रयाग से हेलंग के बीच हालात ज्यादा खराब हैं। यह दूरी 60 किलोमीटर की है।
शनिवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को कार से गौचर पहुंचना था। उनका काफिला बदरीनाथ से तय समय सुबह 10.45 पर रवाना हुआ और शाम 4.45 पर गौचर पहुंचा। राज्यपाल को स्टेट प्लेन से शाम 4.35 बजे देहरादून के लिए उड़ान भरनी थी, लेकिन विलंब से पहुंचने के साथ ही मौसम खराब होने के कारण हवाई जहाज छह बजे रवाना हुआ। इस दौरान वह आइटीबीपी के गेस्ट हाऊस में ठहरीं। इससे पहले गौचर में नगर पालिका अध्यक्ष अंजू बिष्ट ने उनका स्वागत किया। इससे पहले पुलिस के जवानों ने राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान उन्होंने अफसरों से अनौपचारिक बातचीत में बदरीनाथ हाईवे की हालत पर भी चर्चा की।





