सगे भाई ने पार की सारी हदें, 6वीं की छात्रा की आपबीती सुनकर सन्न रह गई पुलिस

6वीं में पढ़ रही बहन की शादी करा दी। फिर लड़की को पति का एक सच पता चला और उसने साथ रहने से इंकार कर दिया, लेकिन इसका अंजाम खौफनाक निकला।

सगे भाई ने पार की सारी हदें, 6वीं की छात्रा की आपबीती सुनकर सन्न रह गई पुलिस

 घटना हरियाणा के सिरसा की है। एक नाबालिग ने अपने से दोगुने उम्र के पति के घर जाने से मना कर दिया तो सगे भाई व ननद ने उसे नहर में फेंक दिया। नाबालिग जान बचाने के लिए आधे घंटे तक नहर में हाथ-पैर मारती रही और अचानक उसके हाथ लोहे की पाइप आ गई। पाईप के सहारे वह नहर से बाहर निकल पाई और उसकी जान बच गई।
 दिल दहला देने वाली ये घटना सिरसा के गांव लुदेसर की है। जान बचने के बाद घबराई नाबालिग एक ढाणी में पहुंची और सारी आपबीती ग्रामीणों को बताई। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने नाबालिग के बयान पर आरोपी भाई दीपक व ननद सावित्री के खिलाफ जान से मारने के प्रयास का केस दर्ज किया है।
 जानकारी के अनुसार गांव लुदेसर निवासी छठी कक्षा पास एक नाबालिग की शादी परिजनों ने 23 मार्च 2017 को रामपुरिया ढिल्लो निवासी जगदीश से कर दी थी। शादी के दौरान ही किसी ने बाल विवाह होने की शिकायत पुलिस को कर दी। जिस कारण पुलिस के कहने पर परिजनों ने नाबालिग को उसके ससुराल नहीं भेजा।
 पुलिस को दिए बयान में नाबालिग का कहना है कि उसके पति जगदीश की उम्र उससे दोगुनी होने के कारण उसने उसके साथ रहने से मना कर दिया। परिजनों से साफ बोल दिया कि वह जगदीश के साथ नहीं रहना चाहती। इसके बाद उसका भाई दीपक व उसकी ननद सावित्री जबरदस्ती जगदीश के साथ बसाने पर उतारू हो गए।
 वीरवार को उसकी ननद सावित्री उनके घर लुदेसर आई। ननद ने उससे कहा कि ‘तेरी गर्दन में जो रसोली है उसकी दवाई लेने सिरसा सिविल अस्पताल चलते हैं। इसके बाद भाई दीपक व ननद सावित्री उसे लेकर चोपटा आ गए। चौपटा में चाय पीने के दौरान ननद बोली कि जगदीश का फोन आया है, वो तुम्हारे बारे में पूछ रहा है। उसने उससे बचने के लिए वापस चलने को कहा।
 नाबालिग का कहना है कि इसके बाद वे छुपकर रूपावास पहुंच गए। तीनों रूपावास से कच्चे रास्ते होते हुए दो बड़ी नहर के ऊपर पहुंच गए। यहां दोनों ने उसके हाथ पकड़ लिए और उसे नहर में फेंक दिया और भाग गए। जान बचाने के लिए हाथ-पैर मारकर तैरने की कोशिश करती रही। आधे घंटे तक नहर में बहती रहने के बाद अचानक नहर के बीच लोहे के पाईप आई और उसने उसे पकड़ लिया। पाइप के सहारे वह नहर से बाहर निकली।
 घबराई हालत में नाबालिग एक ढाणी में पहुंची। ग्रामीणों ने नाबालिग को संभाला। इसके बाद नाबालिग ने सारी घटना ग्रामीणों को बताई। ग्रामीणों ने गांव रूपावास के सरपंच अनिरुद्ध को बुलाया। शुक्रवार को नाबालिग के सरपंच अनिरुद्ध, रायपुर सरपंच सुभाष व लुदेसर के सरपंच प्रतिनिधि रमेश के साथ चौपटा पुलिस थाने पहुंची।
 नाबालिग का बयान दर्ज करके उसे मारने की नियत से नहर में फेंकने के आरोपी भाई दीपक व ननद सावित्री के खिलाफ धारा 307 के तहत मारने के प्रयास का केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
– राजबाला, जांच अधिकारी

 
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