शहीद वायु सेना अफसर के अंतिम दर्शन के लिए परिजनों और आसपास के लोगों की उमड़ पड़ी भीड़…..

भारतीय वायु सेना में वारंट अफसर का पार्थिव शरीर शुक्रवार को पैतृक घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। शहीद वायु सेना अफसर के अंतिम दर्शन के लिए परिजनों और आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। नेताओं और अफसरों ने भी अंतिम दर्शन किए और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर शिवराजपुर खेरेश्वर गंगा घाट ले गए।
असम के जोरहाट से तीन जून को भारतीय वायुसेना का एंटोनोव एएन-32 विमान उड़ान भरने के बाद रहस्मय ढंग से लापता हो गया था। विमान की तलाश की जिम्मेदारी इसरो और नौसेना ने भी शुरू की थी। इस विमान में चालक दल के 13 सदस्य सवार थे, जिनमें से कानपुर बिल्हौर उतरीपूरा के मूलनिवासी वारंट अफसर कपिलेश मिश्रा भी थे। विमान का पता न चलने से परिजन खासा चिंतित हो गए थे।
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करीब दस दिन बाद 13 जून की सुबह विमान का मलबा मिलने के बाद उसमें सवार सभी लोगों की मौत की पुष्टि की गई थी। कपिलेश की मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया था। परिजन उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आठवें दिन शुक्रवार को कपिलेश का पार्थिव शरीर पैतृक घर पहुंचा तो सभी की आंखें नम हो गईं।

उनके अंतिम दर्शन के लिए परिजनों और आसपास के लोगों की भीड़ एकत्र हो गईं। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अफसरों ने भी पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। परिजन अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर शिवराजपुर खेरेश्वर गंगा घाट ले गए। भारतीय वायुसेना के जवानों ने शहीद अफसर को अंतिम सलामी दी। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ते रहे।





