व्यापमं: चार्जशीट पेश होने के 20 दिन बाद CBI की पकड़ से बाहर रसूखदार

भोपाल .पीएमटी 2012 गड़बड़ी में चार्जशीट पेश करने के 20 दिन बाद भी सीबीआई किसी रसूखदार को सलाखों के पीछे नहीं पहुंचा सकी है। 23 नवंबर को सीबीआई ने न्यायाधीश डीपी मिश्रा की अदालत में 592 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था। कोर्ट ने 200 से ज्यादा आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिए थे। वारंट जारी होने के बाद सीबीआई पीपुल्स मेडिकल काॅलेज के चेयरमैन एसएन विजयवर्गीय, उनके दामाद कैप्टन अंबरीश शर्मा, चिरायु मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन डॉ. अजय गोयनका, इंडेक्स काॅलेज के चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया, एलएन मेडिकल कॉलेज के जेएन चौकसे सहित अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक कोई भी रसूखदार आरोपी पकड़ में नहीं आ सका है।व्यापमं: चार्जशीट पेश होने के 20 दिन बाद CBI की पकड़ से बाहर रसूखदार

– सीबीआई का तर्क है कि आरोपी भूमिगत हो चुके हैं। सीबीआई अफसर इस बात का कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं कि रसूखदार कब तक गिरफ्तार होंगे? गुरुवार को हाइकोर्ट से अग्रिम जमानत नामंजूर होने के बाद भी सीबीआई ने आरोपियों की तलाश तेज नहीं की है।

– इंडेक्स मेडिकल कॅालेज की एडमिशन कमेटी के चेयरमैन अरुण अरोरा और चिरायु के डीन वीरेंद्र मोहन और रैकेटियर छितेंद्र कुशवाह के अलावा अब तक कोई बड़ा आरोपी गिरफ्त में नहीं आ सका है। सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल का कहना है कि गिरफ्तारी के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे सकते।

फरार और भगोड़ा घोषित करवाने और संपत्ति कुर्क करने का विकल्प

– मामले में पैरवी कर रहे सीबीआई के वकील सतीश दिनकर कहते हैं कि अदालत से आराेपियों के गिरफ्तारी वारंट पहले ही जारी हो चुके हैं। सीबीआई जल्द ही इन वारंटों पर अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई सीआरपीसी की धारा 82 के तहत अदालत में आवेदन पेश कर सकेगी।

– धारा 82 के मुताबिक अदालत एक लिखित घोषणा कर आरोपियों को कोर्ट में एक तारीख और समय पर पेश होने का आदेश करेगी। इस तारीख पर यदि आरोपी उपस्थित नहीं होते हैं तो उन्हें फरार घोषित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

– दिनकर ने बताया कि यदि धारा 82 के तहत शुरू की गई इस कार्यवाही का अनुपालन नहीं होता है तो सीबीआई के पास सीआरपीसी धारा 83 के तहत फरार आरोपी को भगोड़ा घोषित करवाकर उस व्यक्ति की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई का विकल्प खुला हुआ है।

– सीबीआई मामले मेंं फरार चल रहें आरोपियों की पासपोर्ट डिटेल लेकर विदेश मंत्रालय काे भेजने वाली है जिससे कोई भी आरोपी देश के बाहर न भाग सके। पीएमटी मामले में सीबीआई 592 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य धाराओं में चालान पेश कर चुकी है।

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चार मेडिकल काॅलेजों के 26 कर्ताधर्ताओं के नाम

– पीपुल्स- चेयरमैन एसएन विजयवर्गीय, कैप्टन अंबरीश शर्मा, डीन वीके पांडे, मेंबर काॅलेज लेवल कमेटी एएन माशके, सीपी शर्मा, वीके रमन, पीडी महंत, एसके सरवटे, अतुल अहीर ।
– इंडेक्स- चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया, मेंबर काॅलेज लेवल एडमिशन कमेटी केके सक्सेना, पवन भारवानी, अरूण अरोरा, नितिन गोठवाल, जगत रावल।
– चिरायु – चेयरमैन अजय गोयनका, डीन वी मोहन, काॅलेज लेवल एडमिशन कमेटी के डॉ. रवि सक्सेना, एसएन सक्सेना, वीएच भावगार, एके जैन, विनोद नारखेड़े, हर्ष सालनकर।
– इंडेक्स मेडिकल काॅलेज- चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया, मेंबर काॅलेज लेवल एडमिशन कमेटी केके सक्सेना, पवन भारवानी, अरूण अरोरा, नितिन गोठवाल, जगत रावल।
– एलएन-चेयरमैन जयनारायण चौकसे, एडमिशन इंचार्ज डीके सतपथी, डीन डॉ. स्वर्णा बिसारिया गुप्ता शामिल है.

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