वृषभ संक्रांति पर नहाने के पानी में मिला लें ये 1 चीज

हिंदू धर्म में संक्रांति तिथि का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों में संक्रांति के दिन स्नान, सूर्य उपासना और दान-पुण्य को अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। यदि आप आर्थिक तंगी या दुर्भाग्य से परेशान हैं, तो वृषभ संक्रांति के दिन स्नान करते समय एक विशेष उपाय कर सकते हैं, जिससे आपकी किस्मत चमक सकती है। चलिए जानते हैं इस बारे में।

नहाने के पानी में मिलाएं ये चीजें
वृषभ संक्रांति के दिन पवित्र नदी जैसे गंगा में स्नान करने का विशेष महत्व माना गया है, लेकिन अगर आप गंगा स्नान के लिए न जा पाएं, तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करने से किसी पवित्र तीर्थ स्थल पर स्नान करने के समान पुण्य प्राप्त होता है।

काले तिल – वृषभ संक्रांति के दिन केवल सादे पानी से स्नान न करें। इस दिन आप नहाने के पानी में काले तिल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं, जो अत्यंत शुभ और पुण्यकारी माना जाता है। माना गया है कि काले तिल डालकर स्नान करने से आयु लंबी होती है और जीवन से हर तरह की दरिद्रता व नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है।

वृषभ संक्रांति शुभ मुहूर्त
वृषभ संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले उठकर पुण्य काल में स्नान और दान करना सबसे ज्यादा फलदायी होता है, जो इस प्रकार रहेगा –

वृषभ संक्रांति का क्षण – सुबह 6 बजकर 28 मिनट पर
संक्रांति पुण्य काल मुहूर्त – सुबह 5 बजकर 30 मिनट से सुबह 6 बजकर 28 मिनट तक

ऐसे करें सूर्य देव को प्रसन्न
वृषभ संक्रांति के दिन सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए एक तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें। उसमें लाल फूल, अक्षत (साबुत चावल), रोली और थोड़े से काले तिल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जप करें।

इसके साथ ही गर्मी के इस मौसम में जल से भरा मिट्टी का घड़ा (मटका), अन्न, सत्तू, मौसमी फल और गुड़ का दान करना विशेष फलदायी होता है। इससे आपको सूर्य देव की कृपा तो मिलती ही है, साथ ही पितरों की आत्मा को भी शांति मिलती है।

Back to top button