विधानसभा में महाराष्‍ट्र के सियासी संकट को लेकर हुआ हंगामा, BJP और कांग्रेस के MLA में हुई नोंकझोंक

संविधान दिवस पर हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र हो रहा है। विधानसभा में महाराष्‍ट्र के सियासी संकट को लेकर हंगामा हुआ। इस पर भाजपा और कांग्रेस के विधायकों में जमकर नोंकझोंक हुई। कांग्रेस विधायकों ने भाजपा पर निशान साधा और लोकतंत्र की हत्‍या करने का आरोप लगाया। इस पर भाजपा के सदस्‍यों ने उनको पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा उठाए गए कदमों और आपातकाल की याद दिलाई।

विधानसभा का विशेष अधिवेशन में डिप्‍टी स्‍पीकर का चुनाव किया गया। भाजपा के विधायक रणबीर गंगवा को सर्वसम्‍मति से विधानसभा उपाध्‍यक्ष (deputy speaker) चुना गया। विपक्ष की ओर से कोई उम्‍मीदवार खड़ा नहीं किया गया। डिप्‍टी स्‍पीकर के चुनाव के बाद मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने मौलिक अधिकारों एंव मौलिक कर्तव्‍यों पर संकल्‍प पत्र रखा।

इसके बाद महाराष्ट्र के सियासी संकट को लेकर विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस के विधायकों में जमकर बहस हुई। दोनों पक्षों के बीच जमकर नोकझाेंक हुई। पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने कहा कि महाराष्‍ट्र मामले को उठाकर भाजपा को घेरने की कोशिश की। उन्‍होंने कहा कि महाराष्‍ट्र में जो कुछ किया गया है वह लाेकतंत्र की हत्‍या है। इससे पहले गोवा, कर्नाटक, उत्तराखंड में भी लोकतंत्र की हत्या  की गई थी। किरण चौधरी ने कहा कि महाराष्ट्र के मामले में राज्यपाल ने केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी को खुश करने के लिए लोकतंत्र की हत्या की।

इस पर प्रदेश के   गृह मंत्री अनिल विज ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में इमरजेंसी लगाए जाने की याद दिलाते हुए पलटवार किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी कांग्रेस को आड़ेहाथ लिया। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस को नहीं भूलना चाहिए कि अतीत में किस तरह देवीलाल को सर्वाधिक विधायकों का समर्थन होने के बावजूद भजनलाल को मुख्यमंत्री बना दिया गया था। कांग्रेस कोई पाक साफ नहीं है।

इससे पहले विशेष अधिवेशन के आयोजन के साथ ही हरियाणा विधानसभा में आज नया इतिहास रचा गया। संविधान को अपनाने की 70वीं वर्षगांठ पर पहली बार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें विधायक संविधान की मर्यादा का पाठ पढ़ रहे हैं। सदन में सभी विधायकों को मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की शपथ दिलाई जाएगी। ग्राम सभाओं को गांवों में ठेके खोलने या नहीं खोलने देने का अधिकार देने संबंधी बिल पारित होगा।

भाजपा के रणबीर गंगवा सर्वसम्‍मति से बने विधानसभा के डिप्‍टी स्‍पीकर

संदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद विधानसभा उपाध्‍यक्ष का चुनाव हुआ। हिसार के नलवा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रणबीर गंगवा सर्वसम्‍मति से हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष चुने गए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने  रणबीर गंगवा को के नाम का प्रस्ताव रखा।  उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रस्ताव का समर्थन किया। विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया गया और रणबीर गंगवा के सर्वसम्मति से डिप्टी स्पीकर चुन लिया गया।  deputy speaker चुने जाने के बाद मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल, डिप्‍टी सीएम दुष्‍यंत चौटाला, नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने बधाई दी।

विधानसभा के विशेष सत्र में जेजेपी की नैना चौटाला और अनूप धानक।

सीएम मनोहरलाल ने रखा मौलिक अधिकारों एवं मौलिक कर्तव्यों के पालन का संकल्प पत्र

इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा के पटल पर मौलिक अधिकारों एवं मौलिक कर्तव्यों के पालन का संकल्प पत्र रखा। उन्‍होंने कहा कि संविधान निर्मात्री सभा के मुखिया डॉ भीमराव अंबेडकर के जन्मदिन 14 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में मौलिक कर्तव्य जागरूकता अभियान चलेगा। स्कूल कॉलेजों, बोर्ड- निगमों और सरकारी महकमों में जागरूकता कार्यक्रम होंगे। सभी जिलों में जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। इस दौरान प्रदेश के हर व्‍यक्ति को मूल कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए संविधान के पालन की शपथ दिलाई जाएगी।

संविधान पर केंद्रित सदन में विधायकों को मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की शपथ

विधानसभा का विशेष सत्र पूरी तरह हटकर है। सदन पटल पर शोक प्रस्ताव तो आए, लेकिन प्रश्नकाल, काम रोको प्रस्ताव और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव नहीं होने से विपक्षी दलों के हाथ बंधे रहेंगे। इससे सदन में हर बार दिखाई देने वाला हंगामे का नजारा इस बार नहीं दिखेगा।

प्रश्नकाल, काम रोको प्रस्ताव और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव नहीं होने से विपक्ष के हाथ बंधे

सुबह 11 बजे शोक प्रस्तावों के तुरंत बाद कुछ कागज पत्र रखे गए। सदन में गांवों में शराब ठेके खोलने संबंधी संशोधित बिल पारित होगा। देश के संविधान को अंगीकार किए जाने की 70वीं वर्षगांठ पर संकल्प पत्र रखे जाने के बाद सभी विधायकों को मौलिक कर्तव्यों और मौलिक अधिकारों की शपथ दिलाई गई। इसके बाद डिप्टी स्पीकर का चुनाव हुआ।

सर्वसम्मति से डिप्टी स्पीकर बनाने की रणनीति, ग्रामसभाओं को मिलेगा शराब ठेका नहीं खोलने देने का हक

मनोहर लाल विधानसभा के दो विशेष सत्र बुलाने वाले पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। उनकी पहली पारी में हरियाणा गठन के पचास साल के उपलक्ष्य में वर्ष 2016 में पंचकूला में विशेष विधानसभा लगाई गई थी। इससे पहले 1987 में ताऊ देवीलाल ने देश की आजादी के 40 साल पूरे होने पर दो घंटे का विशेष सत्र बुलाया गया था।

बिजनेस एडवाइजरी कमेटी निर्धारित करेगी विशेष सत्र की अवधि

सुबह साढ़े नौ बजे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की पहली बैठक हुई और इसमें विशेष सत्र की समयावधि तय की गई। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता की अगुवाई में होने वाली इस बैठक में सदस्य के नाते मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, गृह मंत्री अनिल विज, संसदीय कार्यमंत्री कंवर पाल गुर्जर और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा मौजूद रहे।

स्कूल-कॉलेजों से लेकर सरकारी दफ्तरों और हरियाणा सचिवालय में कार्यक्रम

स्कूल-कॉलेजों से लेकर सरकारी दफ्तरों और हरियाणा सचिवालय में मंगलवार का दिन कुछ खास है।  सरकारी भवनों को विशेष रूप से सजाया गया है जहां छात्रों के साथ ही सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को मौलिक कर्तव्यों के पालन की शपथ दिलाई जाएगी। सभी कार्यालयों और बोर्ड-निगमों को कार्यक्रम की सचित्र रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के लिए कहा गया है।

विधायकों को ड्रा से फ्लैट आवंटन

मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विपक्ष के नेता को बंगले आवंटित किए जाने के बाद अब विधायकों को ड्रा के जरिये फ्लैट निकाले गए हैं। विधानसभा उपाध्यक्ष हाउस अलॉटमेंट कमेटी के चेयरमैन होते हैं, लेकिन अभी तक यह कुर्सी खाली है। इसके चलते कमेटी में शामिल विधायक असीम गोयल, दूड़ा राम, प्रदीप चौधरी और रणधीर सिंह गोलन ने सोमवार को ड्रा के जरिये विधायकों को सरकारी फ्लैट आवंटित किए।

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