यूपी बोर्ड के सैकड़ों छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं अधर में

यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट के सैकड़ों छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं अधर में लटकी हुई है। बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं 15 दिसम्बर से शुरू हो चुकी है लेकिन शहर के आधा दर्जन कॉलेजों में ही परीक्षाएं सम्पन्न हो पाई है। वहीं, लखनऊ में हंगामे के बाद स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया था। इसकी वजह से परीक्षाओं को निरस्त करना पड़ा था। हालांकि कुछ कॉलेजों में 26 दिसम्बर से परीक्षाएं होनी हैं। वहीं, बोर्ड प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय भी दे सकता है। 

माध्यमिक शिक्षा परिषद की कक्षा 12 की प्रायोगिक परीक्षाएं 15  से 30 दिसम्बर के बीच होना थी। परीक्षा की तिथि आए दस दिन से अधिक समय बीत चुका है लेकिन अभी तक चंद स्कूलों में ही परीक्षा हो पाई है। शुरू में परीक्षकों के स्कूल न पहुंचने से परीक्षा नहीं हो सकी तो वहीं बाद में स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित होने के बाद स्कूल प्रशासन व परीक्षकों के बीच  संवाद न होने परीक्षा नहीं हो पा रही है। बोर्ड की ओर से दूसरे मंडल से परीक्षक परीक्षा लेने के लिए भेजे जाते हैं। परीक्षक आने से पहले स्कूलों से बातचीत करता है और एक ही स्कूल में अन्य स्कूलों के छात्रों को बुलाकर परीक्षा ले ली जाती है। कड़ाके की ठंड के बाद कई स्कूलों ने अपने यहां पर अवकाश घोषित कर दिया है। इससे प्रायोगिक परीक्षाएं अधर में लटकी हुई हैं। 

15 दिन का मिल सकता है समय

माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए स्कूलों को 15 दिन का अतिरिक्त समय दे सकता है। असल में लखनऊ में हुई हिंसा व शीतकालीन अवकाश की वजह से स्कूल बंद चल रहे हैं। ऐसे में परीक्षाएं नहीं हो पा रही है। इससे प्रायोगिक परीक्षाओं की अंतिम तिथि आगे बढ़ सकती है।

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