मलेशियाई मिसाइल हमले में तीन रूसियों सहित चार जिम्मेदार, मारे गए थे इतने लोग…

पांच साल पहले यूक्रेन के आकाश में मलेशिया के यात्री विमान को मार गिराने के मामले में तीन रूसी और एक यूक्रेन का नागरिक हत्या के आरोपित बनाए गए हैं। नीदरलैंड्स की अगुआई में हुई अंतरराष्ट्रीय जांच में इन चार लोगों को आरोपित किया गया है। इन सभी पर नीदरलैंड्स की कोर्ट में मार्च 2020 से मुकदमा चलेगा। मिसाइल हमले का शिकार हुआ विमान एम्सटर्डम से कुआलालंपुर जा रहा था, उसके ज्यादातर यात्री नीदरलैंड्स के थे।

हमले में चालक दल के सदस्यों सहित विमान में सवार सभी 298 लोग मारे गए थे। जांचकर्ताओं ने पाया है कि मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच 17 पर रूसी बीयूके मिसाइल दागी गई थी। बोइंग 777 विमान पर यह मिसाइल रूसी सेना के कुर्क स्थित ठिकाने से छोड़ी गई थी। जांच के निष्कर्ष को सार्वजनिक करते हुए नीदरलैंड्स के चीफ प्रोसीक्यूटर फ्रेंड वेस्टरबेक ने कहा, जरूरी नहीं कि आरोपितों में से किसी ने मिसाइल छोड़ने का बटन दबाया हो, लेकिन यह निश्चित है कि इन चारों की अपराध में प्रमुख भूमिका थी।

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जांच में रूस के सहयोग न दिए जाने से मिसाइल छोड़ने वाले का नाम स्पष्ट नहीं हो पाया है। हमले के लिए जिम्मेदार ठहराए गए सर्गेई डुबिंस्की, ओलेग पुलातोव और इगोर गिरकिन (सभी रूसी) तथा यूक्रेन के लियोनिद खारचेंको के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है। इससे पहले बुधवार को प्रतिक्रिया में इगोर गिरकिन ने कहा था कि यूक्रेन के रूस समर्थित विद्रोही हमले के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

गिरकिन रूसी खुफिया एजेंसी का पूर्व कर्नल है और उसे कट्टर रूसी राष्ट्रवादी माना जाता है। जबकि डुबिंस्की हमले के समय सैन्य खुफिया विभाग का प्रमुख था। किसी तरह की जांच में शामिल होने से इनकार करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साल भर पहले कहा था कि एमएच 17 का क्रैश होना दर्दनाक हादसा था। इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहाराया जाना चाहिए। मगर, जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यूक्रेन ने कहा है कि रूस अब घटना की जिम्मेदारी ले और आरोपितों को नीदरलैंड्स के हवाले करे।

 

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