भूलकर भी न करें नजअंदाज, इन 5 बड़ी वजहों से समय पर नहीं आते हैं पीरियड्स

पुराने ज़माने में लड़कियों को 14-15 साल की उम्र में पीरियड्स आते थे, लेकिन आज की बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की आदतों की वजह से लड़कियों को 12 साल की छोटी उम्र से ही पीरियड्स आने लगे हैं.महीने के उन 5 दिनों में अधिकतर लड़कियों को लगता है कि उनके शरीर से बहुत खून बह जाता है, लेकिन असर में 5 दिनों के साइकिल में सिर्फ़ आधा कप ही ब्लीडिंग होती है.भूलकर भी न करें नजअंदाज, इन 5 बड़ी वजहों से समय पर नहीं आते हैं पीरियड्स

अक्‍सर महिलाएं अपने उन दिनों यानि की पीरियड्स में काफी परेशान होती है वहीं कुछ महिलाओं को तो थोड़ा कम परेशानी होती है वहीं कुछ महिलाओं को थोड़ी ज्‍यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। आपने देखा होगा या सुना भी होगा कि इस दौरान महिलाओं को काफी तेज दर्द सहना पड़ता है इसके अलावा लगभग हर औरत पीरियड्स के दौरान बेचैन रहती है। वहीं आपको पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हॉर्मोनल बदलाव होते हैं। ऐसे में खानपान के साथ बहुत सी बातों का ध्यान रखना चाहिए। वैसे देखा जाए तो महावारी यानी पीरियड्स हर महिला के एक आम समस्या है।

आज हम आपको इससे जुड़ी एक ऐसी बात बताने जा रहे हैं जो हर किसी के साथ भी हो सकता है। यह ज़रूरी नहीं कि पीरियड्स हमेशा समय पर ही आये कई बार ऐसा पीरियड्स 1-2 दिन आगे पीछे भी हो जाते हैं जो कि बिल्कुल नार्मल है। वैसे तो समय पर माहवारी न होना कोई भंयकर समस्‍या नहीं है, लेकिन कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी गंभीर समस्‍याओं का कारण बन सकती है।वहीं आपको बता दें कि माहवारी का आना महिलाओं की स्‍वास्‍थ के लिए बहुत अच्छा होता है पर कुछ महिलाओं को मासिक धर्म की अनियमितता यानी अनीयमित पीरियड्स से भी गुज़रना पड़ता है। यदि आपके पीरियड्स समय से बहुत पहले आ जाते हैं या बहुत लेट हो जाते हैं तो इससे आपके सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है। आज हम आपको उनके कुछ मुख्य कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं।

PCOS

PCOS की समस्या से अक्‍सर देखा जाता है कि शरीर में मेल हॉर्मोन की मात्रा में बढ़ोत्तरी होती है और इससे इनफर्टिलिटी और पीरियड्स मिस होने की समस्या सामने आ सकती है ये आजकल कई सारी युवा लड़कियों में देखने को मिलती है।

थाइरॉयड

जी हां इसका एक कारण गले में मौजूद थाइरॉयड ग्लैंड भी है ये अगर अंडरएक्टिव या ओवरएक्टिव होता है तो शरीर के हॉर्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है और आपके पीरियड्स टाइम पर नहीं आते हैं। इतना ही नहीं इसकी वजह से पीरियड्स भी अनियमित होने लगते हैं।

डायबिटीज

डायबिटीज यानि की मधुमेह की समस्या है से ब्लड शुगर लेवल बिगड़ने के कारण हार्मोनल इम्बैलेंस हो जाता है जिसकी वजह से पीरियड्स के समय पर आने में समस्‍या होती है इसलिए पीरियड्स समय पर न आने पर एक बार डायबिटीज की भी जांच जरूर करा लें।

तनाव

अक्‍सर ऐसा होता है कि ज्‍यादा स्‍ट्रेस लेने से भी पीरियड्स टाइम पर नहीं आते हैं। इतना ही नहीं लगातार स्ट्रेस में रहने से बॉडी में एस्ट्रोजन ओर कॉर्टिसोल नामक हॉर्मोन रिलीज़ होने लगते हैं। यदि बॉडी में इनका लेवल बढ़ेगा तो पीरियड्स समय पर आने में दिक्कत होगी इतना ही नहीं अगर आपके पीरियड्स टाइम पर नहीं आ रहे हैं तो इसका एक कारण तनाव भी हो सकता है।

गर्भ निरोधक गोलियां

जी हां ये भी एक बड़ा कारण है दरअसल आपको बता दें कि बर्थ कंट्रोल करने वाले पिल्स के कई सारे साइड इफेक्ट्स भी होते हैं जी हां इसके साइड इफेक्ट्स से हार्मोनल इम्बैलेंस होने लगता है जिस वजह से पीरियड्स समय पर आने में दिक्कत होती है इसलिए इसका इस्‍तेमाल करने से बचना भी चाहिए।

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