भारत को मिली आज़ादी और भारत के पहले प्रधानमन्त्री जवाहरलाल नेहरू का सच हुआ वायरल….विडियो

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के वास्तविक चरित्र से भारत के अधिकांश लोग पूरी तरह अंजान हैं | बच्चों के चहेते चाचा नेहरू की असल जिंदगी के चरित्र को जानने के लिए इस लेख को पढ़ना जरुरी है | जवाहरलाल नेहरू वास्तव में एक “ऐयाश” व्यक्ति थे जिसका भारत के अंतिम ब्रिटिश गवर्नर जनरल रहे लार्ड माउंटबैटन की पत्नी से “अनैतिक” सम्बन्ध थे | नेहरू की इस असलियत का खुलासा हो चुका है और तमाम ऐसे श्रोत हैं जिनसे इस तथ्य की पुष्टि की जा सकती है | नेहरू का गिरा हुआ चरित्र उनको भारत का पहला प्रधानमन्त्री बनाने के पीछे अंग्रेजों का सबसे बड़ा मकसद था | ब्रिटिश संसद की नेहरू के बारे में राय थी कि वो भले हिन्दू हो, किन्तु मानसिकता से एक अंग्रेज है इसलिए नेहरू को भारत की सत्ता देना सबसे सही निर्णय होगा |
भारत में सन् 1947 तक 127 ब्रिटिश कंपनियां स्थापित हो चुकी थीं जिनका भारत की आज़ादी के बाद देश में बने रहना मुश्किल लग रहा था | नेहरू ने अंग्रेज़ों को यह भरोसा दिलाया की चाहे जो हो जाय, ये सारी कंपनियां भारत में बानी रहेंगी और सिर्फ दिखावे के लिए इनमे से एक “ईस्ट इंडिया कंपनी” को भारत से हटाया जायेगा | एक तरफ जहाँ अमरीका और फ़्रांस जैसे देशों ने आज़ादी मिलने के बाद ब्रिटिश क़ानून को उखाड़ कर फेंक दिया तो वहीँ नेहरू के नेतृत्व वाले भारत ने अंग्रेज़ों के बनाए सन् 1935 के ब्रिटिश “गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया” एक्ट को भारतीय संविधान का आधार बनाया | सन् 1857 की क्रांति के बाद बने सन् 1860 के इंडियन पुलिस एक्ट को भी ज्यों का त्यों, भारतीय संविधान में स्थान दिया गया | सन् 1858 के इंडियन एजुकेशन एक्ट के पीछे लार्ड मैकाले की मंसा ये थी कि अगर भारत को हज़ारों साल तक गुलाम बनकर रखना है हो मौजूदा स्वदेशी शिक्षा प्रणाली को समाप्त करना पड़ेगा | उसी कानून को नेहरू ने भारतीय संविधान में जगह दी और आज भी मैकाले की शिक्षा नीति को ही भारत में अपनाया जाता है |
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की हत्या कराने वाले सिंधिया खानदान को कांग्रेसी सरकार द्वारा महत्वपूर्ण स्थान दिया गया और माधव राव सिंधिया के बाद अब उनके सुपुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया को नेहरू खानदान के सबसे करीबी माना जाता है |कांग्रेस सरकार और नेहरू की नाकामी का ही परिणाम है किपहले पाकिस्तान भारत से अलग हुआ और अब कश्मीर और नगालैंड जैसे राज्य, भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं | ईसाई मिसनरियो द्वारा विदेशों से आये पैसों का उपयोग कर बड़े पैमाने पर हिन्दुओं को ईसाई धर्म में धर्मान्तरित किया जाता है | ऐसे में यह कहा जा सकता है कि भारत को मिली आज़ादी एक झूठ थी और यह आज़ादी हमने लड़कर नहीं ली बल्कि हमें खैरात में दी गयी थी |





