बड़े हो रहे बच्चों को इस उम्र में दे देना चाहिए अलग बैडरूम, क्योंकि…

हर चीज की एक उम्र होती है जिसमे प्राइवेसी की जरूरत पड़ती है। पश्चिमी देशों में यह फिलॉसफी है कि बच्चे को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उसे पैरंट्स से अलग सुलाया जाता है लेकिन यह फिलॉस्फी आपके बच्चे पर भी लागू हो ऐसा जरूरी नहीं है। लिहाजा आपका बच्चा कितना कंफर्टेबल है अलग सोने में यह इस बात पर निर्भर करता है।
किस उम्र में होना किये अल्फ बैडरूम:
बच्चे को अलग बेडरूम देने के पीछे पैरंट्स के कई कारण हो सकते हैं। जैसे- आप बच्चे को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं, बेडरूम में बच्चे के रहने से जीवनसाथी संग आपका प्यार कष्ट में है या फिर आप अपने बेडरूम में बच्चे की मौजूदगी की वजह से वो सब नहीं कर पाते जो आप करना चाहते हैं।
पश्चिमी देशों में यह फिलॉसफी है कि बच्चे को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उसे पैरंट्स से अलग सुलाया जाता है।
अगर आपका बच्चा प्यार, सेफ्टी और सिक्यॉरिटी के लिए आपके साथ सोना पसंद करता है तो जबरन उसे उसका अपना बेडरूम देने के नाम पर अलग न सुलाएं।
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ल्यूक आगे कहते हैं, बहुत से लोग नंबर और आंकड़ों को बहुत अहमियत देते हैं और उन्हें लगता है कि 3 साल की उम्र के बाद बच्चों को पैरंट्स का बेडरूम छोड़कर अपने रूम में रहने की आदत होनी चाहिए।
साइंटिफिक रिसर्च में यह बात साबित भी हो चुकी है कि वैसे बच्चे जो लंबे वक्त तक पैरंट्स के साथ उनके ही कमरे में सोते हुए बड़े होते हैं वे ज्यादा सिक्योर फील करते हैं और आत्मनिर्भर भी बनते हैं।





