बैंकों का मेगा विलय आज से लागू, जानिये क्या जाएगा बदल 

नई दिल्ली : एक अप्रैल से सार्वजनिक क्षेत्र के छह बैंकों का अलग अलग चार बैंकों में विलय हो गया. यह विलय ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया खतरनाक कोरोना वायरस महामारी के जाल में फंसी हुई है. महामारी की रोकथाम के लिए 21 दिन का की पाबंदियां लगायी गयी हैं, जो 14 अप्रैल को समाप्त होंगी.
बैंकों के विलय की इस योजना के तहत ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स और यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में विलय किया जायेगा. वहीं सिंडीकेट बैंक का केनरा बैंक में, आंध्र बैंक और कार्पोरेशन बैंक का यूनियन बैंक आफ इंडिया तथा इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय किया किया गया है.
देश में लॉकडाउन के चलते पंजाब नेशनल बैंक, केनारा बैंक, यूनियन बैंक और इंडियन बैंक ने विलय के कुछ हिस्सों पर अमल को आगे के लिये टाल दिया है. इन चारों बैंकों में ही अन्य बैंकों का विलय किया गया है. अगले तीन वर्ष के दौरान बैंकों के इस विलय से बैंकों को 2,500 करोड़ रुपये का लाभ होने की उम्मीद की जा रही है.
इस विलय के पूरा होने के बाद सरकारी क्षेत्र में सात बड़े और पांच छोटे बैंक रह जायेंगे. वर्ष 2017 तक देश में सार्वजनिक क्षेत्र के 27 बैंक थे. एक अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष में देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 18 से घटकर 12 रह जायेगी.

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