बुरहान की बरसी पर हिंसा के लिए कश्मीर में महिला पत्थरबाजों को किया गया सक्रिय


बरसी पर आतंकियों की साजिश के साथ-साथ अलगाववादियों के सप्ताहव्यापी प्रदर्शन की कॉल ने सुरक्षा बलों की चुनौती दोहरी कर दी है। इस दौरान सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी कर व्यापक पैमाने पर हिंसा फैलाने और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने खासकर स्कूल-कालेजों को निशाना बनाने की साजिश है।
पत्थरबाजी के लिहाज से खासकर श्रीनगर, बडगाम, अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, बारामुला तथा सोपोर को संवेदनशील माना गया है। दक्षिणी कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के मार्ग पर आतंकियों की ओर से हमले का इनपुट मिला है।
अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाए जाने की आशंका में पूरे यात्रा मार्ग के साथ ही बेस कैंप तथा हाईवे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा बलों के ठिकानों तथा प्रतिष्ठानों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
सुरक्षाबल अलर्ट: रैली की इजाजत नहीं, त्राल को रखा जाएगा सील
बुरहान की बरसी पर हिंसा की आशंका में सुरक्षाबलों को अलर्ट रखा गया है। किसी भी संगठन को रैली निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बुरहान के पैतृक आवास त्राल को सील रखा जाएगा, ताकि कोई भी वहां नहीं पहुंच सके। इसके साथ ही पत्थरबाजों पर भी निगरानी रहेगी। अलगाववादियों पर शिकंजा कसा जाएगा। महिला अलगाववादियों पर भी नजर रहेगी। कहा जा रहा है कि घाटी में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड भी कम कर दी जाएगी, ताकि अफवाहें न फैल सकें।





