बिना मान्यता संचालित मिले विद्यालय तो नपेंगे एबीएसए

बेसिक शिक्षा निदेशक ने जारी किए आदेश
लखनऊ। प्रदेश के किसी भी जिले में अब अमान्य विद्यालय नहीं संचालित हो सकेंगे। इसके संचालन को रोकने की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों (एबीएसए) की होगी। यदि अमान्य विद्यालय संचालित पाया गया तो खंड शिक्षा अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित कर कारवाई की जाएगी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक दिनेश बाबू शर्मा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। इस सूचना से ऐसे विद्यालयों में हडक़ंप मचा है।
निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 की धारा 18(ए) के अनुसार मान्यता प्रमाण पत्र लिए बिना कोई भी विद्यालय नहीं संचालित किया जा सकता। बावजूद इसके राजधानी लखनऊ सहित विभिन्न जिलों में अमान्य विद्यालयों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। पिछले माह बेसिक शिक्षा मंत्री से भी इस मामले में शिकायत की गई थी। जिस पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक ने अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए थे। लेकिन अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिसमें कहा गया है कि बीएसए खंड शिक्षा अधिकारियों को स्पष्टï निर्देंश दें कि उनके विकास खंड में किसी भी दशा में अमान्य विद्यालय संचालित न हो। यदि ऐसा पाया गया तो उनकी जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
कस्तूरबा विद्यालयों की व्यवस्था होगी दुरुस्त
लखनऊ। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में अब छात्राओं को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता के साथ लापरवाही नहीं चलेगी। एडी बेसिक महेंद्र सिंह राणा ने निर्देश दिए हैं कि छात्राओं को जो खाना दिया जाए वह पौष्टिïक और गुणवत्तायुक्त हो। दरअसल, पिछले महीने सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने प्रदेश के केजीबीवी की एक रिपोर्ट एडी बेसिक व बीएसए को भेजी थी, जिसमें कहीं पीने के पानी तो कहीं बिजली तक न होने की बात कही गई थी। परियोजना निदेशक ने इसे दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक महेंद्र सिंह राणा ने बताया कि केजीबीवी में पठन-पाठन से लेकर छात्राओं की समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। बालिकाओं की सुरक्षा के लिए विद्यालय में थानाध्यक्ष का नंबर तथा अन्य महत्वपूर्ण नंबर दीवार पर लिखवाने, सुरक्षा के लिए होम गार्ड की व्यवस्था करने, बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कैंप का आयोजन करने, जरूरत के मुताबिक बालिकाओं के लिए रजाई-गद्दे की व्यवस्था कराने, विद्यालय में लगे अग्नि शमन यंत्रों में रिफलिंग कराने आदि के निर्देश दिए गए हैं।





