बाबरी मामला : कोर्ट ने तय की 11 अगस्त की डेट, साक्ष्य देने के लिए अब और नहीं मिलेगा समय

लखनऊ। अयोध्या स्थित कथित ढांचा विध्वंस मामले में आज भी कोई सफाई साक्ष्य दाखिल न होने पर विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए आगामी 11 अगस्त की तिथि नियत करते हुए कहा है कि अब अन्य अवसर सफाई साक्ष्य के लिए दिया जाना संभव नहीं है।
गत 28 जुलाई को आरोपियों के बयानों को दर्ज करने की कार्रवाई पूरी होने के उपरांत अदालत द्वारा सफाई साक्ष्य प्रस्तुत करने की तिथियां नियत की जा रही हैं परंतु अभी तक बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
अदालत ने गत 5 अगस्त को निर्देश दिया था कि स्वामी साक्षी महाराज की ओर से 6 अगस्त तक सफाई साक्ष्य प्रस्तुत कर दिया जाए। गुरुवार को सुनवाई के दौरान स्वामी साक्षी महाराज की ओर से उनके अधिवक्ता द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया कि वह गत 16 जुलाई से कोरोना ग्रसित है तथा स्वस्थ होने के उपरांत डॉक्टर द्वारा आराम करने की सलाह दी गई है जिसके कारण वह घर पर हैं तथा न्यायालय के समक्ष सफाई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके लिहाजा उन्हें 15 दिन का समय दिया जाए अदालत ने कहा है कि 28 जुलाई को बयान अंकित करने के उपरांत बराबर सफाई साक्ष्य का समय दिया जा रहा है लेकिन किसी की ओर ओर से सफाई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
अदालत ने कहा है कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अभियुक्त स्वामी साक्षी महाराज को 11 अगस्त तक का समय सफाई साक्ष्य के लिए दिया जाता है उसके उपरांत अन्य अवसर दिया जाना संभव नहीं होगा अदालत ने कहा है कि अन्य अभियुक्त गण भी उक्त तिथि को अपने बचाव में सफाई साक्ष्य प्रस्तुत करें। अदालत ने कहा कि सीबीआई को भी निर्देश दिया जाता है कि वह सफाई साक्ष्य समाप्त होते ही अपनी लिखित बहस दाखिल करेंगे अदालत ने सफाई साक्ष्य के लिए पत्रावली को 7 अगस्त की तिथि नियत करते हुए प्रस्तुत करने का है।





