फैसलाः विप्रो महिलाकर्मी के हत्यारों की दया याचिका खारिज

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दो दया याचिकाएं खारिज कर दी हैं। पहला मामला 2012 में इंदौर में एक चार वर्षीय लड़की के रेप और हत्या का है, जिसमें तीन अपराधी हैं। दूसरा मामला एक कैब चालक और उसके सहयोगी द्वारा वर्ष 2007 में पुणे में विप्रो कमर्चारी के गैंगरेप व मर्डर का है। ये दोनों याचिकाएं अप्रैल और मई में राष्ट्रपति के पास भेजी गई थीं। 

फैसलाः विप्रो महिलाकर्मी के हत्यारों की दया याचिका खारिज

कैब चालक ने किया था दुष्कर्म और हत्या

पुणे केस में 22 वर्षीय विप्रो कर्मचारी के दुष्कर्म व हत्या के दोषी पुरुषोत्तम दशरथ बोराटे व प्रदीप यशवंत कोकाडे को मृत्युदंड दिया गया था। महिला कर्मी रात में शिफ्ट खत्म होने के बाद ऑफिस की कैब में सवार हुई थी, पर चालक ने रास्ता बदलकर उसके साथ दुष्कर्म किया और गला दबाकर हत्या कर दी। इंदौर केस में तीन दोषी बाबू उर्फ केतन जितेंद्र उर्फ जीतू व देवेंद्र उर्फ सनी को चार वर्ष की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या मामले में दोषी पाया गया। 

राष्ट्रपति ने अब तक 30 याचिकाएं खारिज की

ये दो याचिकाएं खारिज करने के साथ ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा अब तक खारिज की गई कुल दया याचिकाओं की संख्या 30 हो गई। उनका कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगा। 

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