अभी-अभी बड़ा खुलासा: फर्जी बैंक खातों को खुद ऑपरेट करता था पूर्व कांग्रेस MLA

इन फर्जी बैंक खातों के जरिये उन्होंने करोड़ों रुपये के पुराने नोट बदलवाए। अपराध शाखा अधिकारियों ने बताया कि अभी तक ये सामने आ चुका है कि 20 से 25 बैंक खाते कांग्रेसी नेता से जुड़े हुए हैं और दो बैंक खाते उनके खुद के हैं। इन खातों से करीब साढ़े चार करोड़ रुपये के पुराने नोटों को नए नोटों में बदलवाया गया।
अपराध शाखा के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि राजेश जैन पुराने नोटों को बदलवाने के लिए कुल रकम का 10 से 15 प्रतिशत कमीशन लेता था। जैन ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कनॉट प्लेस स्थित कोटक महिंद्रा बैंक और नया बाजार स्थित बैक में फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाए।
इनके साथ कनॉट प्लेस स्थित कोटक महिंद्रा बैंक का मैनेजर आशीष मिला हुआ था। आरोपी आशीष ने गिरफ्तारी के समय बताया था कि आरोपी फर्मों के नाम डीडी न बनवा कर व्यक्तिगत नाम से बनवाते थे। उसे लगा था कि वह ऐसा कर फंस जाएगा।
इस कारण उसने पुराने नोट जमा करने से मना कर दिया था। अगर आरोपी फर्म के नाम डीडी बनवाते तो वह पुराने नोट और जमा करवा लेता। अपराध शाखा की जांच में शुरू से ही ये बात सामने आ रही थी कि इस फर्जीवाडे़ में राजनीतिक नेता शामिल हो सकते हैं। पूछताछ में ये बात भी आई है कि इन फर्जी बैंक खातों में विदेश से आई हवाला की रकम भी जमा करवाई गई थी। कांग्रेस नेता का साथ एक सीए देता था।
गिरफ्तारी के बाद तबीयत खराब होने पर जैन को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने पूर्व विधायक राजेश जैन के गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
अपराध शाखा ने कनॉट प्लेस स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में फर्जी तरीके से खुलवाए गए नौ बैंक खातों में 34 करोड़ के पुराने नोट जमा कराने के मामले में 25 दिसंबर, 2016 में जालसाजी, धोखाधड़ी और केंद्रीय वित्त मंत्रालय व रिजर्व बैंक के आदेशों का उल्लंघन करने को लेकर एफआईआर दर्ज की थी।





