प्राइवेेट अस्पताल का कारनामा, कोरोना मरीज का किया ऑपरेशन

सीतापुर । कोरोना महामारी के बीच डॉक्टर अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं, शायद इसीलिए उन्हें भगवान का दूसरा रूप भी कहा जाता है। लेकिन समाज में कुछ ऐसे डॉक्टर भी है, जिनके लिए पैसा भगवान बन चुका है। कुछ ऐसा ही कारनामा शहर के एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों ने कर डाला है। यहां एक कोरोना पॉजिटिव गर्भवती को नियमों को ताक पर रख कर न सिर्फ भर्ती किया गया, बल्कि उसका ऑपरेशन कर प्रसव भी करा दिया गया। खास बात तो यह है कि अस्पताल को स्वास्थ्य महकमे ने न तो मरीज भर्ती करने की परमिशन दी थी और न ही आपरेशन की। इन सबके बीच जिला प्रशासन महिला को पिछले तीन दिनों से ढूंढ रहा था। मामले की जानकारी हुई तो एसडीएम ने मौके पर जाकर अस्पताल को सील कराया और प्रबंधकों के साथ महिला के पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का भी आदेश दिया है।
यह पूरा घटनाक्रम उस वक्त शुरू हुआ था जब खैराबाद की एक गर्भवती को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल ले जाया गया था। यहां महिला की कोरोना जांच कराई गई थी। लेकिन इसके बाद महिला लापता हो गयी थी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से ही स्वास्थ्य महकमे और जिला प्रशासन द्वारा महिला की तलाश की जा रही थी। मंगलवार की देर रात एसडीएम सदर अमित भट्ट को जानकारी हुई कि महिला को शहर के मोहल्ला रामनगर स्थित मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती किया गया है। एसडीएम ने मौके पर एक कर्मचारी को भेज कर इसकी पुष्टि कराई और कुछ देर बाद वह स्वयं कोतवाली पुलिस के साथ अस्पताल पहुँच गए।
अस्पताल में जानकारी हुई कि महिला का ऑपरेशन कर उसका प्रसव भी कर दिया गया है। हालांकि मौके पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। एसडीएम ने महिला को डफरिन अस्पताल भेजवाया है। साथ ही कोतवाल टीपी सिंह को आदेश दिया है कि महिला के पति, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर एवं अस्पताल प्रशासन पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराएं। एसडीएम ने बताया कि सीएमओ डॉक्टर आलोक वर्मा से उनकी टेलिफ़ोनिक वार्ता हुई है जिसमे उन्होंने बताया है कि अस्पताल को ऑपरेशन तो दूर ओपीडी की भी अनुमति नहीं दी गई थी। एसडीएम ने बताया कि अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को भी दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा, जिसके बाद अस्पताल को सील कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।





