पीडीपी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनाने की कोशिश, 2002 और 2007 में भी हुआ था गठजोड़

जम्मू-कश्मीर की अप्रत्याशित राजनीति में एक नई सुगबुगाहट शुरू हुई है। रियासत में पीडीपी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनाने के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है। इसे नेशनल कांफ्रेंस की ओर से समर्थन दिए जाने की भी चर्चा है।
दोनों पार्टियों ने वर्ष 2002 व 2007 में भी मिलकर सरकार बना चुकी हैं। वर्तमान विधानसभा में पीडीपी के पास 28, नेकां के पास 15 तथा कांग्रेस के पास 11 विधायक हैं।
ये तीनों यदि मिल गए तो बहुमत के लिए आवश्यक आंकड़ा यानी 44 का जादुई संख्या बल आसानी से हासिल हो जाएगा। जबकि भाजपा के पास 25 विधायक हैं। नेकां के सूत्रों ने बताया कि पार्टी गठबंधन में शामिल होने की इच्छुक नहीं है, लेकिन पीडीपी-कांग्रेस को बाहर से समर्थन देने से परहेज नहीं है।
यदि ऐसा गठबंधन अस्तित्व में आता है तो महबूबा को छोड़कर पीडीपी का कोई वरिष्ठ नेता सरकार का नेतृत्व कर सकता है। यदि धुर विरोधी पीडीपी और नेकां एक फ्रंट पर आते हैं तो यह रियासत की सियासत के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा।





