पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु में बदलाव से इंडिया गठबंधन में बढ़ी तकरार, उमर अब्दुल्ला ने उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में सहयोगी दलों के एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने से इंडिया गठबंधन में मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि गठबंधन को केवल लोकसभा नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव में भी एकजुट रहना चाहिए था।

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के सियासी बदलाव का असर अब जम्मू-कश्मीर में भी दिखने लगा है। लोकसभा चुनाव में भाजपा से मुकाबला करने के लिए एकजुट हुए इंडिया गठबंधन के अहम सहयोगी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गठबंधन की सीमाओं पर ही सवाल उठा दिए हैं। दोनों राज्यों में सहयोगी दलों के एक-दूसरे के खिलाफ उतरने पर नाराजगी जताई।

मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि इंडिया गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव के लिए नहीं हुआ था। राज्यस्तर पर होने वाले चुनावों में भी हमें एक-दूसरे का साथ देना चाहिए था। बीते विधानसभा चुनावों में गठबंधन के बड़े दल एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे हैं। इससे भाजपा को मजबूती मिली है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने ममता बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार मैदान में उतारे, तो तमिलनाडु में डीएमके के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने के बाद अब टीवीके का हाथ पकड़ लिया है।

उमर ममता बनर्जी के बेहद करीब माने जाते हैं। वहीं, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी कई मौकों पर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की बात का समर्थन किया लेकिन इन राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद अब इंडिया गठबंधन में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, खासकर जम्मू-कश्मीर के परिदृश्य में।

दिल्ली जा रहे सीएम, ममता बनर्जी से कर सकते हैं मुलाकात
सीएम सोमवार को दिल्ली जा रहे हैं। इस दौरान पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और एमके स्टालिन से मुलाकात कर सकते हैं। इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ भी बैठक कर सकते हैं। इसके बाद गठबंधन पर कुछ नई बातें भी सामने आ सकती हैं। उमर करीब डेढ़ सप्ताह प्रदेश से बाहर रहेंगे।

गठबंधन में चुनाव लड़ते तो नतीजे ऐसे नहीं आते
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, इंडिया गठबंधन यदि राज्यों के लिए बना है तो पश्चिम बंगाल में क्या हुआ। कांग्रेस अपनी ही सहयोगी टीएमसी के खिलाफ चुनाव लड़ी। वहां कांग्रेस टीएमसी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ती तो परिणाम ऐसे नहीं आते। अब यह सोचने का समय आ गया है कि इंडिया गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव के लिए है या फिर विधानसभा में भी इसका प्रभाव होना चाहिए।

मुद्दों पर एकमत नहीं होने पर अलग-अलग चुनाव लड़े जाते हैं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि लोकसभा चुनाव गठबंधन के मुताबिक लड़े जाते हैं। भाजपा की नीतियों और विचारधारा के खिलाफ लड़ाई होती है। विधानसभा चुनाव राज्यों के स्थानीय मुद्दे पर लड़े जाते हैं। कई राज्यों में कांग्रेस के साथ मिलकर स्थानीय पार्टियों ने चुनाव लड़ा है। कुछ जगहों पर स्थानीय मुद्दों पर एकमत नहीं होने पर अलग-अलग चुनाव लड़े जाते हैं।

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग पर चुप क्यों हैं महबूबा : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पीडीपी ने चुनाव में कोई अधिकृत एजेंट क्यों नियुक्त नहीं किया। आरटीआई के जरिए यह साबित हो गया है कि पीडीपी ने भाजपा की मदद की, इससे भाजपा को एक सीट जीतने में आसानी हुई। महबूबा मुफ्ती ने चुनाव में कोई पर्यवेक्षक नियुक्त नहीं किया।

मुख्यमंत्री उमर ने रविवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर लगाए गए बैकडोर भर्तियों के आरोपों को खारिज कर दिया और महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पर जनता को गुमराह करने के लिए बेबुनियाद बातें फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोई भी लोगों को शराब पीने के लिए मजबूर नहीं कर रहा है। सरकार न तो इसे बढ़ावा दे रही है और न ही इसकी उपलब्धता बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, उनकी चुनावी जीत के बाद से उनके निर्वाचन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और जन कल्याण परियोजनाओं ने गति पकड़ी है।

बयान देने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए
उन्होंने तबादले और पदोन्नति से जुड़े दावों को तथ्यात्मक रूप से गलत और राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया। उन्होंने कहा, शम्मी ऑबराय नेशनल कॉन्फ्रेंस के कोषाध्यक्ष हैं और उनके पास कोई मंत्री पद नहीं है। उन्होंने विपक्ष से सार्वजनिक बयान देने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा, पीडीपी बार-बार आरोप लगाकर शासन और विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

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