पंजाब एवं हरियाणा HC ने गुरमीत राम रहीम को पैरोल देने की मांग संबंधी याचिका को कर दिया खारिज

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्‍चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पैरोल देने की मांग संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने राम रहीम की पत्नी हरजीत कौर याचिका को वापस लेने की छूट देते हुए इसेे खारिज कर दिया गया।

हरजिंदर कौर ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा सरकार ने राम रहीम की पैरोल की याचिका नियमों खिलाफ खारिज की है, क्योंकि राम रहीम पैरोल के हकदार हैं उनकी माता बीमार हैंं। बेंच ने कहा कि जब राम रहीम खुद जीवित हैं तो वह (हरजिंदर कौर) किस हैसियत से याचिका दायर कर रही है।

बता दें, सुनारिया जेल में सजा काट रहे डेरा सच्‍चा सौदा के प्रमुख राम रहीम की पैैराेल अर्जी को खारिज किया जा चुका है। पहले भी गुरमीत की पत्‍नी ने हाई कोर्ट में अर्जी दी थी। हाई कोर्ट ने इस बारे में सुनारिया जेल के अधीक्षक को निर्णय लेने को कहा था। राम रहीम दो साध्वियां से दुष्‍कर्म और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्‍या के मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। गुरमीत को साध्वियों से दुष्‍कर्म के मामले में 20 साल कैद और छत्रपति हत्‍याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उसे 28 अगस्‍त 2017 से जेल में बंद है।

गुरमीत राम रहीम ने इससे पहले दो बार पैरोल के लिए अर्जी दी थी। उसने बाद में ये अर्जियां वापस ले ली थी। इसके बाद राम रहीम की पत्‍नी हरजीत कौर हाई कोर्ट में याचिका देकर पति को पैरोल दिए जाने का आदेश देने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई के बाद सुनारिया जेल के अधीक्षक को इस पर पांच दिनों के अंदर निर्णय लेने को कहा था। बाद में, सुनारिया जेल के अधीक्षक ने इस बारे में निर्णय लेते हुए गुरमीत राम रहीम को पैरोल देने से इन्‍कार कर दिया था।

इसके बाद हरजीत कौर ने हाई कोर्ट में दी अर्जी में राम रहीम की मां की बीमारी का हवाला देते हुए पैरोल दिए जाने की मांग की थी। हरजीत कौर ने हाई कोर्ट में याचिका में कहा था कि गुरमीत राम रहीम की मां यानी उसकी सास नसीब कौर बीमार हैं और उनकी आयु 85 साल है। नसीब कौर को पिछले दिनों को हार्ट अटैक भी आया था, लेकिन वह अपना इलाज नहीं करवा रही हैं। कुछ दिन बाद उसकी एंजीयोग्राफी होनी है। ऐसे में उनकी इच्छा है कि गुरमीत उसके पास हो। नसीब कौर की जिद है कि जब तक उसका बेटा उनके पास नहीं आएगा वह इलाज नही कराएंगी। इसी वजह से उन्होने रोहतक जेल के जेल अधीक्षक को 29 जुलाई को एक मांगपत्र देकर गुरमीत सिंह को पैरोल देने की मांग की थी। मगर जेल प्रशासन उनकी मांग पर कोई विचार नहीं कर रहा।

ज्ञात रहे कि इससे पहले भी गुरमीत राम रहीम ने अपनी दत्तक बेटी की शादी में जाने के लिए पैरोल की मांग को लेकर हाई कोर्ट से गुहार लगाई थी जो बाद में उसने वापस ले ली थी। उसके बाद उसने खेती के लिए जेल अधीक्षक से पैरोल मांगा, लेकिन वह अर्जी भी बाद में वापस ले ली गई थी।

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