नीतीश सरकार द्वारा शहीद के परिवार को दिया गया 5 लाख का चेक हुआ बाउंस

शहीद जवानों के प्रति बिहार की नीतीश सरकार का लापरवाही भरा उदासीन रवैया बार-बार सामने आ रहा है. सुकमा हमले में शहीद हुए राज्य के 6 जवानों का शव जब पटना पहुंचा, तो राज्य का कोई भी मंत्री उनके अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचा. और अब एक बार फिर शहीद रंजीत कुमार के परिजनों को अपमान का घूंट पीना पड़ा है.नीतीश सरकार द्वारा शहीद के परिवार को
 
राज्य सरकार की ओर से शहीद रंजीत कुमार की पत्नी सविता देवी को दी गई 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक बाउंस हो गया है. नीतीश सरकार की इस लापरवाही ने शहीद के परिजनों को अपमानित किया है. शेखपुरा के रहने वाले रंजीत कुमार सुकमा हमले में शहीद हो गए थे. हो हफ्ते बाद भी रंजीत कुमार के परिजनों को चेक कैश कराने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है.

बैंक ने क्लीयरिंग के लिए नोएडा भेजा चेक

आजतक को मिली जानकारी के मुताबिक सविता देवी ने 5 लाख रुपये का चेक एचडीएफसी बैंक के शेखपुरा ब्रांच में जमा कराया था. सविता को यह उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की जमुई शाखा से मिला था, इसके तुरंत बाद ही उन्होंने चेक बैंक में जमा कराया. क्लीयरिंग के लिए इस चेक को एचडीएफसी बैंक पटना भेजा गया. बजाय इसके कि शेखपुरा ब्रांच में भेजने के. बाद में चेक को चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) के तहत क्लीयरिंग के लिए नोएडा भेज दिया गया. इसके बाद ही चेक को लेकर समस्या खड़ी हुई.

चेक पर हस्ताक्षर को लेकर हुई समस्या

एचडीएफसी बैंक के नोएडा ऑफिस में जो हस्ताक्षर अपलोड था, वो शेखपुरा के पूर्व डीएम चंद्रशेखर सिंह का था, जबकि मौजूदा समय में शेखपुरा के डीएम दिनेश कुमार हैं. इस कंफ्यूजन के चलते एचडीएफसी बैंक ने चेक को कैश करने से इंकार कर दिया.

यह भी पढ़े: अभी अभी: देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने राहत के बाद फिर दिया जोर का झटका, बैंकों में…

शेखपुरा के डीएम दिनेश कुमार ने कहा, ‘चेक पर हस्ताक्षर को लेकर कुछ समस्या थी. हमने एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधि को बुलाया और समस्या का हल कर दिया गया. अब जब भी सविता देवी चेक को जमा कराएंगी, वो कैश हो जाएगा.’

सुकमा हमले में शहीद हुए 25 जवान

चेक के भुगतान को लेकर समस्या का समाधान भले ही हो गया हो, लेकिन शहीद जवानों के प्रति नीतीश सरकार की उदासी खुलकर सामने आई है, जो देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देते हैं.

बता दें कि छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए थे. इन जवानों को नेशनल हाइवे 30 की सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था, जिसका निर्माण राज्य सरकार की ओर कराया जा रहा था.

Back to top button