नए चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्योति कभी मोदी की एके-47 थे, 22 साल में बने थे IAS

  • जालंधर. देश के नए चीफ इलेक्शन कमिश्नर घोषित किए गए अचल कुमार ज्योति का जन्म जालंधर में 23 जनवरी 1953 काे हुआ था। जालंधर के मिट्ठा बाजार में पल बढ़े अचल ज्योति दिल्ली शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने स्नातक डिग्री एमएससी (केमिस्ट्री) में की है। 22 साल की उम्र में आईएस परीक्षा पास करके 1975 में गुजरात कैडर में सेवाओं के लिए चले गए।
    नए चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्योति कभी मोदी की एके-47 थे, 22 साल में बने थे IAS
     
    2013 में गुजरात के चीफ सेक्रेटरी के रूप में रिटायर हुए ज्योति को जनवरी 2013 में गुजरात का स्टेट विजिलेंस कमिश्नर नियुक्त किया गया था। रिटायर अफसर को चुनाव आयुक्त लगाने पर भी वह चर्चा में रहे थे। जालंधर में उनके भाई परिवार समेत रहते हैं। परिवार के सभी सदस्य चीफ इलेक्शन कमिश्नर बनने की जानकारी मिलते ही दिल्ली चले गए हैं। एके ज्योति की पत्नी तरुण ज्योति के ननिहाल कोट किशन चंद में हैं।

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    बेटा निपुन ज्योति दिल्ली में ही रहते हैं। ज्योति के भाई बड़े भाई एमईएस से रिटायर्ड अभय ज्योति और भाभी सुखवर्षा ज्योति मिट्ठा बाजार में ही रहते हैं। भतीजे अक्षय ज्योति और अजय भी साथ ही रहते हैं। 10 सितंबर 2016 को जब एके ज्योति चुनाव आयुक्त के रूप में मीटिंग के लिए जालंधर आए थे तब मिट्ठा बाजार के घर भी गए थे।
     
    चीफ इलेक्शन कमिश्नर अचल कुमार ज्योति को नरिंदर मोदी का ‘एके-47’ भी कहा जाता रहा है। मोदी जब गुजरात के सीएम थे तब ज्योति सूबे के चीफ सेक्रेटरी थे। करीब 6 साल पहले एक कैबिनेट बैठक में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफसरों को कम छुट्टी पर जाने की सलाह दी थी। लेकिन ज्योति ने सख्त रवैया अपनाते हुए सभी अफसरों को छुट्टी से वापस बुला लिया था। तब सभी अधिकारी परेशान थे कि छुट्टियां कैंसिल क्यों हाे रही है। इसके पीछे ज्योति ही थे। उस समय गोल्डन गुजरात फेस्टिवल शुरू होने वाला था और अफसरों को छुट्टी पर जाने नहीं देने का एक फरमान निकाला गया था। अफसरों को सख्ती से वापस बुलाने के लिए ही शायद उनको मोदी का ‘एके-47’ भी कहा जाता है।
     
    अभियान के दौरान ज्योति देर रात तक गांवों में काम करते थे, 1975 में 22 साल की उम्र में ही आईएएस बन गए थे
    जालंधर।नरेंदर मोदी जब गुजरात के सीएम थे तब अचल ज्योति स्वर्णिम गुजरात अभियान के दौरान कई बार देर रात तक ज्योति गांवों में ही काम करते रहते थे। इसके लिए सीएम मोदी ने उनकी तारीफ भी की थी। ज्योति 1975 में 22 वर्ष की उम्र में ही गुजरात कैडर के आईएएस बन गए थे। सरदार सरोवर का काम देखने के अलावा कांडला पोर्ट ट्रस्ट के भी चेयरमैन रहे। अचल ज्योति कुछ महीने पहले जालंधर आए थे। ज्योति परिवार संघ के सदस्यों से मिले थे। पुराने दोस्तों ने उन्हें सम्मानित किया था। मेयर सुनील ज्योति, संघ के प्रधान बीबी ज्योति, राजेश ज्योति ने कहा कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर के पद पर ज्योति परिवार के सदस्य का पहुंचना पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
     
     
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