दिन के ये 90 मिनट होते हैं बड़े अशुभ, इस समय किया गया कार्य कभी नहीं होता पूरा हमेशा रही है बर्बादी…

हमारे शास्त्रों में इस बात का बारीकी से वर्णन किया गया हैं की किसी भी काम को करने के बाद उसके फल पर वह काम किस मुहर्त में किया गया ख़ासा प्रभाव डालता हैं । यानी अच्छे मुहर्त में किया गया काम हमेशा सफल होता हैं और मुहर्त को दरकिनार कर किए गये कम में अक्सर निराशा ही हाथ लगती हैं । ग्रहों और नक्षत्रो से आप अच्छी तरह वाकिफ हैं, आप ये भी जानते हैं की इन ग्रहों और नक्षत्रो की चाल कैसे आम आदमी की जिन्दगी प्रभावित करती हैं ।
ऐसे ही दिन में कई आप कोई भी काम करते समय इस बात का खास ध्यान रखे की वह काम कही आप राहुकाल में तो नही कर रहे हैं । इसका सीधा सा अर्थ ये हैं की राहुकाल में किया गया काम सफल नही होता हैं । अब आपके जहन में आएगा की किस तरह पता करे की कौन सा काल चल रहा हैं और किस समय कोई शुभ काम नही करना चाहिए ? थोडा ठहरिये इसका जवाब भी हम आपको दे देते हैं ।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर दिन में कम से कम 90 मिनट राहुकाल चलता हैं । इस काल में किए गये कामो के असफल होने के चांस काफी बढ़ जाते हैं । राहू को सूर्योदय से सूर्यास्त तक का आठवे भाग का स्वामी बताया गया हैं । आज हम आपको हर दिन की पूरी डिटेल देने जा रहे हैं जिस समय राहुकाल चलता हैं अतः जहाँ तक सम्भव हैं कोई भी शुभ काम करते समय राहुकाल का ध्यान रखे ।
सोमवार में सुबह 07.30 से 9 बजे तक राहुकाल रहता हैं वही मंगलवार में दोपहर 03.00 से 04.30 राहुकाल का समय बताया गया हैं । अब बुधवार की बात करे तो इस दिन दोपहर 12.00 से 01.30 बजे तक राहुकाल चलता हैं । गुरुवार के दिन ध्यान रखे की सुबह 10.30 से 3.00 बजे तक कोई शुभ काम ना करे क्योकि इस समय राहुकाल चलता हैं । वही शुक्रवार की सुबह 10.30 से 12.30 बजे तक राहुकाल चलता हैं । शनिवार सुबह 9.00 से 10.30 बजे तक का समय राहुकाल होता हैं । रविवार को शाम 04.30 से 6.00 बजे तक राहुकाल का समय होता हैं





