दवा खरीद घोटाला : ACB ने शुरू की जांच, कपिल मिश्रा ने लगाया था आरोप

नई दिल्ली। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) दिल्ली सरकार की दवा खरीद में हुए कथित घोटाले जांच के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में एसीबी की टीमें दिल्ली में कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। बता दें कि दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने 27 मई को केजरीवाल सरकार पर हेल्थ डिपार्टमेंट में 3 घोटालों के आरोप लगाए थे। कपिल ने एंबुलेंस खरीद घोटाला, दवा खरीद घोटाला और ट्रांसफर-पोस्टिंग घोटाले का आरोप लगाया था। बता दें हेल्थ मिनिस्ट्री सत्येंद्र जैन के पास है। कपिल ने जैन पर पहले भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
दवा खरीद घोटाला : ACB ने शुरू की जांच, कपिल मिश्रा ने लगाया था आरोप
‘मिश्रा का आरोप दवा खरीद घोटाला हुआ’…
– कपिल के मुताबिक, “दवाइयों की खरीद में 300 करोड़ का घोटाला हुआ। इस रकम की दवाइयां खरीदी जा चुकी है, लेकिन यह अस्पतालों में नहीं पहुंचीं। जो दवाइयां एडवांस में खरीदी गईं, वो अस्पतालों ने नहीं मांगीं थी। सत्येंद्र जैन के कहने पर एडवांस में दवाई खरीद ली गई।”
– “गोदामों को दवाइयों से भर दिया गया। उनमें पड़ी दवाइयां सड़ चुकी हैं। अस्पताल में दवाइयों की कमी हो रही है, लेकिन वे नई मेडिसिन नहीं खरीद सकते, क्योंकि स्टॉक में एडवांस दवाइयां खरीद ली गई हैं।”
– “पहले अस्पतालों के दवाई खरीदने के अधिकार छीने गए, फिर सारी दवाइयां एडवांस में खरीदी कर गोदाम में डाल दी गईं। इसके बाद अस्पतालों पर जोर डाला गया कि दवाइयां गोदाम से उठाई जाएं। लेकिन अस्पतालों ने कहा कि उन्हें इन दवाइयों की जरूरत नहीं है। अब ये दवाइयां गोदाम में सड़ रही हैं।”

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फायर प्रूफ एम्बुलेंस में आग कैसे लग लगी…
– कपिल मिश्र ने कहा- “स्वास्थ्य विभाग में 100 एम्बुलेंस खरीदी गईं। हर एम्बुलेंस की कीमत करीब 23 लाख रुपए थी।”
– मिश्रा ने दावा किया कि बाजार में दूसरी कंपनी यही एम्बुलेंस 10 लाख रुपए में दे रही थी। उन्हें क्यों नहीं खरीदा गया?
– मिश्रा के मुताबिक, सरकार ने दावा किया था ये एम्बुलेंस फायर प्रूफ हैं, लेकिन इनमें से चार जल चुकी हैं।
 
मिश्रा का आरोप- ट्रांसफर-पोस्टिंग में भी घोटाला हुआ
– मिश्रा ने कहा, “तीसरा घोटाला ट्रांसफर और पोस्टिंग में हुआ। नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाई गईं।”
– “कई जूनियर लोगों को एमएस बना दिया गया। 30 एमएस की नियुक्ति में गड़बड़ी हुई।”
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