डॉ. अर्जुन मिश्रा की पुस्तक “गांधी एक अध्ययन” का हुआ विमोचन

सिद्धार्थनगर। शिवपति पी जी कालेज शोहरतगढ़ मे गांधी जयंती के अवसर पर निबंध, भाषण, गायन प्रतियोगिता तथा संगोष्ठी का आयोजन हुआ।
   संगोष्ठी के मुख्य वक्ता राजनीति विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अर्जुन मिश्र रहे। उन्होंने ने गांधी के बहुमुखी व्यक्तित्व की चर्चा करते हुये कहा कि वे चिंतक ,दार्शनिक, समाज सुधारक, अर्थशास्त्री थे।उन्होंने भारत के लोगों को आजादी एवं आत्मसम्मान की राह दिखाई। वे अंतिम व्यक्ति की आजादी के पक्षधर थे जिसके अभाव मे स्वतंत्रता का कोई मूल्य नहीं।
गांधी ने श्रम को प्रतिष्ठित किया।उनके लघु उद्योग तथा कुटीर उद्योग की नीति भारत के अनुकूल थी।वे उस मशीनीकरण के विरुद्ध थे जो लाखों लोगो को बेरोजगार कर दे। जब घर घर मे उद्योग होगा तो उसे परमाणु शस्त्रों से भी नष्ट नहीं किया जा सकता।अपरिग्रह तथा संरक्षता सिद्धांत से जमाखोरी तथा कालेधन की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।गांधी के सत्य ,अहिंसा तथा अपरिग्रह की चर्चा करते हुये कहा कि उन्होंने भारत की जनता को निर्भय बना दिया। पाश्चात्य देशों मे  महिलाओं को अपने अधिकार को प्राप्त करने के लिये आंदोलन करना पड़ा लेकिन गांधी ने आजादी की लड़ाई मे महिलाओं को भागीदार बनाकर उन्हें अधिकार दिला दिये।उनके छूआछूत मिटाने के प्रयास की भी चर्चा हुई।
  आज वैश्वीकरण के युग मे गरीबी, असमानता ,धार्मिक उन्माद, आतंकवाद फैल रहा है उसका समाधान गांधीवाद मे ही है।आतंकवाद से लड़ने  के लिये प्रतीकों अर्थात् आतंकवादी से नहीं आतंकवाद की विचार धारा से लड़ना होगा। गांधी हिंदू मुस्लिम एकता के हिमायती थे दोनों उनके लिये दो आंखे थे। यदि हम विश्व मे शांति, स्थिरता और समृद्धि चाहते हैं तो गांधी की ओर ही लौटना होगा।
कार्यक्रम के दौरान डॉ.अर्जुन मिश्र की पुस्तक गांधी एक अध्ययन पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
अंत मे प्राचार्य श्री अनिल प्रताप चंद  ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया तथा डा मिश्र को सारगर्भित व्याख्यान के लिये धन्यवाद दिया। इस दौरान डा महेंद्र गिरि, डा अरविंद सिंह,डा उमेश पांडेय, डा सुशील, डा अखिलेश शर्मा, डा अनुपमा त्रिपाठी, डा रश्मि पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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