जीजेयू पहुंचे सीएम सैनी, माता अमृता देवी सर्कल और खेजड़ली महा बलिदान स्मृति शिल्प का किया लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दो विशिष्ट विभूतियों को “मधु भासिन मेमोरियल पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।

प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हिसार में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने माता अमृता देवी सर्कल एवं खेजड़ली महाबलिदान स्मृति शिल्प का लोकार्पण किया। इसके अलावा सीएम नर्सिंग ब्लॉक व गर्ल्स हॉस्टल भवन का शिलान्यास भी किया।

कार्यक्रम में पूर्व सांसद चौधरी कुलदीप सिंह बिश्नोई स्रोत वक्ता मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे।

पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए मिला “मधु भासिन मेमोरियल पुरस्कार”
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दो विशिष्ट विभूतियों को “मधु भासिन मेमोरियल पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान जोधपुर के खामु राम बिश्नोई और बड़ोपल, फतेहाबाद के विनोद कुमार कड़वासरा को दिया गया। इसके साथ ही खेजड़ली महाबलिदान की गौरवगाथा को प्रदर्शित करने वाले अशोक राही द्वारा निर्देशित नाटक “खेजड़ी की बेटी” का मंचन भी किया गया।

सोमवार सुबह होगा हवन-यज्ञ
माता अमृता देवी और 363 बिश्नोई वीरों का बलिदान प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक अमर अध्याय है। विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्मृति शिल्प एवं सर्कल पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगा। कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत रविवार शाम को गुरु जम्भेश्वर महाराज धार्मिक अध्ययन संस्थान में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। सोमवार सुबह हवन-यज्ञ का भी आयोजन किया जाएगा।

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