जानिए कैसे करे असली और नकली गोमेद रत्न की पहचान

गोमेद एक प्रकार का पत्थर होता है,जिसे लोग अंगूठी में जड़वा कर अपनी ऊँगली में पहनते है,ज्योतिषशास्त्र में इस पत्थर को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. ऐसा माना जाता है की अगर आपकी कुंडली में राहु ग्रह दोष हो तो इस रत्न को पहनने से दूर हो जाता है. इसे पहनने से कुंडली से सभी प्रकार के राहुदोष मिट जाते है. इसके अलावा अगर नौकरी या बिजनेस में परेशानी आ रही हो या धन की कमी हो मन अशांत रहता हो ,घर में हमेशा लड़ाई झगडे होते हो तो ऐसे में इसे पहनना आपकी सभी समस्याओ का समाधान कर सकता है.जानिए कैसे करे असली और नकली गोमेद रत्न की पहचान

अगर लाल रंग के गोमेद रत्न को धारण किया जाये तो ये बहुत शुभ फल प्रदान करता है,इसके अलावा लाल, काला या पीला रंग युक्त गोमेद रत्न शुभ माना जाता है. आप चाहे तो घर में ही असली और नकली  गोमेद रत्न की पहचान कर सकते है.

गोमेद रत्न को पहनने के लिए सबसे पहले इसे 24 घंटे के लिए गोमूत्र में डालकर छोड़ दे,अगर आपका गोमेद रत्न असली है तो गौमूत्र का रंग बदल जाता है. और अगर ये नकली है तो गौमूत्र का रंग नहीं बदलता है.

आप चाहे तो इसे दूध में डालकर भी पता लगा सकते है की ये असली है या नहीं,इसके लिए अगर आपका गोमेद रत्न असली है तो इसे दूध में डालने पर  दूध का रंग गोमूत्र की तरह दिखने लगता है .

इस बात का हमेशा ध्यान रखे की अगर आप गोमेद रत्न को धारण कर रहे है  तो इसे हमेशा बुधवार रात के 12 बजे के उपरान्त शुक्ल पक्ष एवं सही लग्न में धारण करे.

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