छात्र और शिक्षकों का फीडबैक तय करेगा दस हजार संस्थानों का भविष्य

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को लेकर सरकार अब छात्रों और शिक्षकों से फीडबैक लेने जा रही है। इसी फीडबैक के आधार पर कॉलेजों का भविष्य तय होगा। शुरुआत देश भर के दस हजार से अधिक इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, व मैनेजमेंट कॉलेजों से होने जा रही है।
छात्र और शिक्षकों का फीडबैक तय करेगा दस हजार संस्थानों का भविष्य
खास बात यह है कि फीडबैक के माध्यम से शिक्षकों को कागजों में अधिक और हाथ में कम वेतन देने और छात्रों से अधिक फीस लेने जैसे भ्रष्टाचार पर भी नजर रखी जाएगी। अधिक फीस लेने पर ली गयी फीस का पांच गुना अधिक जुर्माना लगाने का भी प्रावधान होगा और सुधार न होने पर मान्यता रद हो जाएगी।

ये भी पढ़े: बड़ी खबर: पीएम मोदी के हाथ लगी एक और बड़ी कामयाबी, अब सबको मिलेगी ये बड़ी आजादी

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) इंजीनियरिंग,ऑर्किटेक्चर और मैनेजमेंट कॉलेजों में पढ़ा रहे शिक्षकों और छात्रों से फीडबैक मांगने का काम शुरू करने जा रहा है। इसमें छात्रों और शिक्षकों के लिए अलग-अलग फीडबैक फार्म तैयार किए गए हैं।

छात्रों से  फीडबैक में बेसिक डिटेल के कॉलम में छात्र आईडी, नाम, जेंडर, आधार व ईमेल आईडी देना होगा। जबकि दूसरे कॉलम में  एआईसीटीई द्वारा उपलब्ध करवाया गया परमानेंट आईडी, इंस्टीट्यूट का नाम, इंस्टीटयूट किस राज्य में है और इंस्टीट्यूट की जानकारी देनी पड़ेगी।  इसके अलावा अगले कॉलम में सुझाव या शिकायत का भी विकल्प होगा।

वहीं, शिक्षकों के फार्म में बेसिक डिटेल के कॉलम में फैकल्टी आईडी, नाम, जेंडर, आधार,मोबाइल नंबर, निजी ईमेल आईडी, शैक्षिक योग्यता(बीटेक, एमटेक,पीएचडी),कर्मी का प्रकार (रेगुलर, कांट्रेक्ट व एडहॉक), हफ्ते में कितने कोर्स को पढ़ाते हैं(इसमें दस प्वाइंट हैं)की जानकारी देनी है।

इसके बाद सुझाव या शिकायत का कॉलम मिलेगा। छात्र प्रैक्टिकल,थ्योरी में कम अंक, शिक्षक की कमी, कुल सीट के मुकाबले अधिक दाखिले आदि की शिकायत भी भेज सकते हैं।

अधिक फीस ली तो पांच गुना जुर्माना लगेगा
अधिक फीस लेने पर ली गयी फीस का पांच गुना अधिक जुर्माना लगाने का भी प्रावधान होगा और सुधार न होने पर मान्यता रद हो जाएगी।  छात्रों और शिक्षकों की भेजी गयी सभी जानकारियां व शिकायत गोपनीय रहेंगी। शिकायत पर पहले नोटिस और फिर भी सुधार नहीं होता है तो मान्यता रद हो जाएगी।
– प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे, चेयरमैन, एआईसीटीई।

 
 
Back to top button