चिकित्सकों की कार्यशैली से असंतुष्टï हैं सीएम योगी

लोहिया संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में उठाए कई सवाल
कहा, व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अच्छे डॉक्टरों की जरूरत

लखनऊ। लोहिया संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सकों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सेवा को पटरी पर लाने के लिए अच्छे चिकित्सकों की जरूरत है। अच्छे चिकित्सकों को तैयार करने के लिए अच्छे संस्थान बनाने होंगे। जब अच्छे चिकित्सकों की जरूरत पड़ती है तो वे निजी प्रैक्टिस करने लगते हैं। एक समय था जब बलरामपुर अस्पताल में देश के प्रधानमंत्री तक अपना इलाज कराते थे लेकिन आज स्थितियां बदल गई हैं।
लोहिया संस्थान में आयोजित डॉ. एस सी राय छात्रावास के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं एसजीपीजीआई गया तो लोगों ने कहा कोई भी छींकेगा तो स्वाइन फ्लू होगा। डॉक्टर ने मुझसे कहा कि आपको स्वाइन फ्लू न हो इसके लिए एक इंजेक्शन लगाना होगा। तब मैंने कहा मुझे इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। ये उनको दीजिए जो इसका हौवा खड़ा करते हैं। जब स्वास्थ्य का क्षेत्र केवल व्यावसायिक हो जाएगा। लाभ-हानि से जुड़ जाएगा तो कभी अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकेगा। जब भी कोई छात्र एमबीबीएस करे, उसे एक साल तक पीएचसी में जरूर भेजा जाए। प्रदेश की जनता आपकी पढ़ाई पर पैसा खर्च कर रही है। ये यूपी की 22 करोड़ जनता के टैक्स का पैसा है। कार्य होगा तो गलती जरूर होगी, लेकिन हम कार्य ही न करें और कहें देखिए कोई गलती नहीं की तो मुझे लगता है, ऐसे लोगों की सेवाएं ही खत्म कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास के पैमाने और राजनैतिक नेतृत्व को जिस कसौटी पर उतरना चाहिए था, उसका अभाव रहा है। स्वास्थ्य का क्षेत्र भी उससे अछूता नहीं है। शहरी क्षेत्रों में जब इतनी खराब स्थिति है तो ग्रामीण क्षेत्रों का आप अनुमान लगा सकते हैं। इस स्थिति को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन समेत संस्थान के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।





