गायब मिले छात्र तो नपेंगे प्रधानाचार्य व शिक्षक

लखनऊ। यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों पर शिक्षा विभाग ने अभी से सख्ती करनी शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारी ऐसे स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे और मौके पर नोटिस देंगे। नौवीं व 11वीं कक्षा में यदि अब 50 प्रतिशत छात्र अनुपस्थित मिले तो विद्यालयों के शिक्षकों व प्राचार्यों पर कार्रवाई की जाएगी। पिछले साल राजधानी में यूपी बोर्ड से संबद्घ कई विद्यालयों ने धारण क्षमता से ज्यादा 9वीं, 11वीं में पंजीकरण करा लिया था। अब यही छात्र आगामी वर्ष 2018 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। बोर्ड के निर्देश पर डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने स्कूलों का स्थलीय निरीक्षण कर छात्र संख्या के सत्यापन के लिए टीम गठित कर दीं। राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज के प्रिंसिपल ने अपने शिक्षकों के माध्यम से पांच विद्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट के मुताबिक एसडी मेमोरियल पब्लिक इंटर कॉलेज मडिय़ांव में निरीक्षण के दौरान 9वीं में 131 छात्रों का पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज था, लेकिन 90 छात्र अनुपस्थित रहे। इसी तरह 11वीं में 132 में करीब 46 छात्र उपस्थित रहे। इसी तरह आरएच कॉन्वेंट स्कूल कुर्सी रोड पर कक्षा नौ में 161 के सापेक्ष 81 उपस्थित मिले और 80 अनुस्थित। यहां 11वीं में 155 छात्रों के पंजीकरण के सापेक्ष 95 मौजूद थे। इसी तरह एकता विद्यालय कुर्सी रोड में 9वीं कक्षा में 95 के सापेक्ष 50 छात्र अनुपस्थित मिले। जांच रिपोर्ट में कैपिटल कॉन्वेंट स्कूल जानकीपुरम में 16 के सापेक्ष 12 और 11वीं में 19 के सापेक्ष 11 छात्र मौके पर मिले। राजधानी के महर्षि बाल विद्यालय मंदिर गायत्री पुरम कुर्सी रोड में कक्षा 9 में 135 में से 70, 11वीं में 65 में 35 छात्र गायब थे। इसी तरह 11वीं में 46 के सापेक्ष 24 अनुपस्थित थे। सैम पब्लिक स्कूल के रजिस्टर में 9वीं कक्षा में 49 छात्रों का नाम अंकित है। लेकिन मौके पर इनमें से 21 गायब मिले। विद्यालय प्रशासन द्वारा इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की अनुपस्थिति का ठोस कारण नहीं बताया जा सका। फिलहाल जांच टीम ने छात्र उपस्थिति रजिस्टर की फोटो कॉपी सहित पूरी रिपोर्ट डीआईओएस को सौंप दी है। डीआईओएस डॉॅ. मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि कुछ स्कूलों की जांच रिपोर्ट में बड़ी संख्या में छात्र मौके पर अनुपस्थित पाए गए हैं, जबकि रजिस्टर में छात्र संख्या अधिक है। ऐसे में छात्र संख्या संदिग्ध है। इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। साथ ही जो रिपोर्ट आ रही है, उसकी रैंडम जांच मैं खुद करूंगा।
सूचनाएं अपलोड नहीं करने पर 27 स्कूलों पर होगी कार्रवाई
लखनऊ। नोटिस जारी करने से लेकर मान्यता प्रत्याहरण करने की चेतावनी के बाद भी राजधानी के 27 ऐसे विद्यालय हैं, जिन्होंने यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए अपने यहां की आधारभूत सूचनाएं अपलोड नहीं की। सोमवार को इन विद्यालयों की सूची बोर्ड की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी गईं। इनमें सहायता प्राप्त शिया इंटरमीडिएट कॉलेज भी शामिल है। इन कॉलेजों पर कार्रवाई तय है। गौरतलब है कि आगामी यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों का निर्धारण ऑनलाइन किया जाना है। इसके लिए बोर्ड ने सभी स्कूलों से अपने यहां उपलब्ध आधारभूत सूचनाएं परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। बार-बार निर्देश दिए जाने के बाद भी राजधानी के 27 विद्यालयों ने कोई भी सूचना अपलोड नहीं की।





