गलत रिपोर्ट देने के मामले में ऋषिकेश एम्स पर 50 हजार का जुर्माना

गलत रिपोर्ट देने के मामले में जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश पर 50 हजार जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही वाद खर्च के रूप में 10 हजार भी शिकायतकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता शिव कुमार भामा ने बताया कि शिकायतकर्ता भगवानपुर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने डॉ. बीएस सैनी कलावती अस्पताल रुड़की, एम्स ऋषिकेश व यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, नई दिल्ली के खिलाफ जनवरी 2015 में एक शिकायत फोरम में दायर कराई थी। उन्होंने कहा था कि शिकायतकर्ता की तबीयत खराब होने पर उन्हें डॉ. बीएस सैनी कलावती अस्पताल में भर्ती कराया था। स्वास्थ्य लाभ न मिलने पर डॉ. सैनी ने शिकायतकर्ता को हायर सेंटर एम्स, ऋषिकेश रेफर किया था। जहां जांच के बाद 16 जुलाई 2014 को शिकायतकर्ता को एचआइवी पॉजीटिव बताया गया।
तबीयत और ज्यादा बिगड़ने पर शिकायतकर्ता को गुरुराम राय इंस्टीट्यूट मेडिकल एंड हेल्थ साइंस देहरादून में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद एचआइवी नेगेटिव बताया था। शिकायत में आरोप लगाया कि एम्स के चिकित्सकों ने शिकायतकर्ता के जांच में लापरवाही बरती है। शिकायतकर्ता ने अधिवक्ता के माध्यम से चिकित्सक को जांच परीक्षण में लापरवाही बरतने के संबंध में नोटिस भेजा था। शिकायत पर सुनवाई के बाद फोरम अध्यक्ष कंवर सैन तथा सदस्यों अंजना चड्ढा व विपिन कुमार ने एम्स ऋषिकेश को सेवा में कमी करने पर शिकायतकर्ता को हर्जाना राशि के रूप में पचास हजार रुपये और शिकायत खर्च के रूप में 10 हजार रुपये देने के आदेश दिए है।





