कौन है भारतीय मूल के समाजसेवी अनिल कोचर?

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी के छात्रों को उनके ग्रेजुएशन सेरेमनी के दौरान एक बड़ा सरप्राइज मिला। दरअसल, भारतीय मूल के समाजसेवी अनिल कोचर ने घोषणा की कि वे यूनिवर्सिटी के विल्सन कॉलेज ऑफ टेक्सटाइल्स के 176 ग्रेजुएट्स के अंतिम साल के सभी एजुकेशन लोन चुका देंगे।
न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, यह घोषणा शुक्रवार को रेनॉल्ड्स कोलिजियम में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान की गई थी। कोचर, जिन्होंने दीक्षांत भाषण दिया, उन्होंने कहा कि यह कदम उनके दिवंगत पिता, प्रकाश चंद कोचर की यात्रा का सम्मान करने के लिए था, जो दशकों पहले पंजाब से रैले आए थे।
छात्रों को दिया ग्रेजुएशन गिफ्ट
लाल रंग की NC स्टेट कैप पहने, अनिल कोचर ने 2026 के ग्रेजुएटिंग बैच से कहा कि, यह उनका सौभाग्य है कि वे घोषणा कर रहे हैं कि, अपने पिता के सम्मान में वे और मर्लिन कोचर एक ग्रेजुएशन गिफ्ट देंगे, जिससे विल्सन कॉलेज के ग्रेजुएट्स द्वारा 2025-26 के शैक्षणिक वर्ष के दौरान लिए गए अंतिम वर्ष के सभी एजुकेशन लोन कवर हो जाएंगे।
यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बताया कि कोचर दंपति ने यह घोषणा करने से पहले स्कूल नेतृत्व और छात्रवृत्ति एवं वित्तीय सहायता कार्यालय के साथ समन्वय किया था। डीन डेविड हिंक्स ने कहा कि वे कॉलेज के सबसे नए पूर्व छात्रों में किए गए इस असाधारण निवेश के लिए अनिल और मर्लिन के प्रति अत्यंत आभारी हैं।
उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के प्राथमिक लक्ष्यों में से एक विल्सन कॉलेज को सभी के लिए किफायती बनाना है, और कहा कि कोचर दंपति कॉलेज को इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद कर रहे हैं।
अपने पिता की यात्रा को किया याद
अपने भाषण के दौरान, अनिल कोचर ने भारत से संयुक्त राज्य अमेरिका तक अपने पिता की यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि 80 साल पहले, एक युवा व्यक्ति भारत से रैले तक हजारों मील की यात्रा करके आया था, जिसके पास उम्मीद और दृढ़ संकल्प के अलावा और कुछ नहीं था।
उन्होंने आगे कहा कि उनके पिता को यह पता नहीं था कि वह यात्रा उन्हें कहां ले जाएगी, उससे किस तरह का जीवन बनेगा, या यह कि एक दिन उनका बेटा उसी संस्थान में ग्रेजुएटिंग बैच के सामने खड़ा होगा, जिसने उनका स्वागत किया था।
1946 में अमेरिका आए थे उनके पिता
बता दें कि, भारत के पंजाब में जन्मे प्रकाश चंद कोचर की टेक्सटाइल्स में बचपन से ही रुचि थी और उन्होंने कपास कताई, बुनाई और फिनिशिंग से संबंधित प्रशिक्षण लिया था और इस क्षेत्र में काम किया। वे 1946 में NC स्टेट आए और 1950 में टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग में अपनी बैचलर डिग्री हासिल की, जिसके बाद 1952 में उसी क्षेत्र में मास्टर डिग्री प्राप्त की।
टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में उनके करियर ने बाद में उन्हें अमेरिका के कई राज्यों और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाया। विश्वविद्यालय के अनुसार, उन अनुभवों ने उस विरासत को आकार देने में मदद की, जिसे वह अपने पीछे छोड़ना चाहते थे। जो शिक्षा, अवसर और समुदाय पर केंद्रित थी।





