कोर्ट के आदेश पर ‘केनेडी सेंटर’ से हटाया गया ट्रंप का नाम

 अमेरिका में न्यायालय के आदेश के पालन में शनिवार भोर में जॉन एफ केनेडी मेमोरियल सेंटर ऑफ परफार्मिंग आर्ट से राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का नाम हटा दिया गया। सेंटर को ट्रंप का नाम दिए छह महीने से भी कम समय हुआ था तभी उसके विरोध में आए न्यायालय के आदेश का क्रियान्वयन हुआ है।

न्यायालय ने साफ कर दिया कि संस्थान का नाम बदलने का अधिकार केवल कांग्रेस (अमेरिकी संसद) को है, किसी ट्रस्ट को नहीं। विदित हो कि दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति ट्रंप की अध्यक्षता वाले ट्रस्ट ने नाम बदलने का निर्णय लिया था और उसे ट्रंप के नाम कर दिया था।

‘केनेडी सेंटर’ से हटाया गया ट्रंप का नाम

न्यायालय के आदेश में अमेरिकी सरकार को केनेडी सेंटर का नाम शुक्रवार को ही पूर्व स्थिति में लाना था लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकी। इसके बाद शनिवार रात एक बजकर बीस मिनट पर संस्थान के मुख्य द्वार, दीवारों और वेबसाइट आदि से नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई और सूर्य निकलने से पहले यह काम पूरा कर लिया गया।

सरकार के न्याय विभाग ने कहा है कि मौसम खराब होने के चलते नाम हटाने का कार्य शुक्रवार को नहीं किया जा सका लेकिन शनिवार का सूर्य निकलने से पहले इसे पूरा कर लिया गया। डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बने जॉन एफ केनेडी की 1963 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

जॉन एफ केनेडी की याद में बना केनेडी सेंटर

इसके बाद उनकी याद में वॉशिंगटन में संस्थान की स्थापना का निर्णय लिया गया और 1971 में केनेडी सेंटर को आमजनों के लिए खोल दिया गया। इस सेंटर का संचालन एक ट्रस्ट करता है।

जनवरी 2025 में राष्ट्रपति बनने के बाद रिपब्लिकन पार्टी के ट्रंप ने इस ट्रस्ट से पुराने लोगों को हटाकर अपने विश्वासपात्रों को नियुक्त किया। इसके बाद राष्ट्रपति के रूप में ट्रस्ट के अध्यक्ष का पद संभाला। दिसंबर 2025 में हुई ट्रस्ट की बैठक में सेंटर का नाम ट्रंप के नाम पर किए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ और उसे क्रियान्वित कर दिया गया।

इसके बाद ओहायो से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद जायस बेट्टी ने ट्रस्ट के निर्णय को न्यायालय में चुनौती दी। सुनवाई के बाद न्यायालय ने ट्रस्ट के निर्णय को अवैध बताया और सेंटर से ट्रंप का नाम हटाने का आदेश दिया।

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