केजीएमयू के पूर्व वीसी रविकांत के घोटालों की जांच शुरू

वित्तीय अनियमितता, प्रोन्नति व शासन ने दिए जांच के आदेश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रविकांत पर वित्तीय अनियमितता, प्रोन्नति व नियुक्ति सहित अन्य मुद्दों को लेकर शासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। केजीएमयू के वर्तमान कुलपति डा. एमएलबी भट्ट को आदेश दिया गया है कि टीम गठित करके कुलसचिव के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाकर जांच करायी जाए।
दरअसल भाजपा सांसद कौशल किशोर ने केजीएमयू के पूर्व कुलपति पर गंभीर आरोप लगाये थे और जांच कराने की मांग की थी। इसके अलावा केजीएमयू शिक्षक संघ ने पूर्व कुलपति डॉ. रविकांत के खिलाफ जांच कराने की मांग की थी। इस मामले को गंभीरता से लेकर शासन ने जांच के आदेश दिए हैं। डॉ. रविकांत वर्तमान समय में ऋषिकेश एम्स के निदेशक हैं। इन पर नियमों को धता बताते हुए मनमाने तरीके से काम कराने का आरोप लगाया था। इसके अलावा चिकित्सक शिक्षक संघ ने जिरियाट्रिक विभाग के प्रमुख व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पर मनमाने तरीके से नियुक्ति करने का आरोप लगा था। इसके साथ नर्सिंग में भर्ती सहित अन्य पदों पर मानकों के विपरीत भर्ती करने का आरोप भी लगाया था। यदि कमेटी की जांच में आरोप सही पाये जाते है तो विजिलेंस जांच भी हो सकती है। सूत्रों की मानें तो पूर्व कुलपति की जांच में कई प्रशासनिक अधिकारियों व डाक्टरों पर भी गाज गिर सकती है।

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