कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

प्रयागराज। जानलेवा हमले के मुकदमे में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी हुआ है। एमपी एमएलए कोर्ट में मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई हुई तो वह हाजिर नहीं हुए। उनकी तरफ से हाजिरी माफी की अर्जी भी नहीं दी गई। इस पर विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने एनबीडब्ल्यू जारी करने का आदेश दिया।
लखनऊ के वजीरगंज थाने में राजबब्बर के खिलाफ मतदान अधिकारी श्रीकृष्ण सिंह ने दो मई 1996 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस वक्त राजबब्बर सपा के प्रत्याशी थे। आरोप है कि उन्होंने मतदान केंद्र में घुसकर मारपीट की और जानलेवा हमला किया था। विवेचना दरोगा अयोध्या प्रसाद वर्मा ने की, लेकिन पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में पेश नहीं की। इस लापरवाही पर दारोगा के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की गई, तब उसने सीजेएम लखनऊ के सामने पेश होकर निवेदन किया कि मूल पत्रावली गायब हो गई है। दारोगा ने प्रमाणित प्रतिलिपि की अनुमति भी मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। 2003 में मुकदमे का ट्रायल कोर्ट में शुरू हुआ, लेकिन राजबब्बर ने अब तक अपनी जमानत नहीं कराई है। सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने पाया कि मामला 21 वर्ष पुराना है और अभियुक्त गैरहाजिर है। इस पर गैरजमानती वारंट जारी करने का आदेश ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी को दिया।
मंत्री रीता जोशी के मुकदमे की फिर सुनवाई
कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी के मुकदमे की सुनवाई बुधवार को फिर होगी। मंगलवार को एमपी एमएलए कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन रीता बहुगुणा जोशी हाजिर नहीं हुईं। इस पर विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तिथि तय की। मामला आचार संहिता उल्लंघन का है। रीता बहुगुणा के खिलाफ लखनऊ के कृष्णा नगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।





