भोपाल.हज यात्रा पर रवाना होने से पूर्व जब यात्रियों को उनकी कलाई पर बंधने के लिए इलेक्ट्रानिक ई-बैंड दिया जाता है, तो वे इसके बारे में अफसरों पर सवालों की झड़ी लगा देते हैं। गुरुवार को भी राजा भोज विमानतल से सुबह और रात में जिन दो फ्लाइट से 300 यात्री रवाना हुए उनमें से बहुत से लोगों ने इसके बारे में जानकारी मांगी। कई लोगों ने तो इसे बांध लिया, जबकि कुछ लोगों ने उत्तर मिलने पर संतुष्ट होने के बाद ही इसे बांधा। दरअसल, इस ई-बैंड में यात्री का नाम-पता, कवर नंबर, पासपोर्ट, वीजा आदि की समस्त जानकारियां दर्ज की गई हैं। इसे जीपीएस सिस्टम से जोड़ा गया है। जरूरत पड़ने पर इसके जरिए सऊदी अरब सरकार और हज कमेटी यात्री के बारे में जानकारी पता कर सकेगी।
जरूरत पड़ने पर यात्रियों की लोकेशन मिल सकेगी
मप्र हज कमेटी के अध्यक्ष हाजी इनायत हुसैन कुरैशी ने बताया कि यह सही है कि सभी हज यात्रियों को उनकी कलाई पर बांधने के लिए सऊदी अरब से आए ई-बैंड बांधने को दिए जा रहे हैं। इनके बारे में जिज्ञासावश कई हज यात्री सवाल-जवाब करते हैं। ई-बैंड की योजना दो वर्ष पूर्व मक्का में हुए एक हादसे के बाद से बनाई जा रही थी। उस वक्त उनकी पहचान में दिक्कते आईं थी। इसको ध्यान में रखते हुए यह ई-बैंड तैयार किया गया। जरूरत पर उनकी लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा। सऊदी अरब की सिम भी दी गई है।
86 के उमर व 84 की करीमन बी भी शामिल
हज कमेटी के सीओ दाउद खान के अनुसार हज यात्रियों की गुरुवार को भी दो फ्लाइट रवाना हुई। इनमें 156 महिलाएं व 144 पुरुष हैं। प्रत्येक फ्लाइट में डेढ़ सौ यात्री थे। पहली फ्लाइट सुबह 11.30 बजे तय समय पर रवाना हुई। इसमें शाजापुर की 84 साल की करीमन बी और 24 साल के सागर के सलमान शामिल हैं। दूसरी फ्लाइट रात साढ़े 10 बजे के बाद गई। इसमें विदिशा के 17 वर्षीय फैजान व 86 साल के उमर खान जबलपुर भी शामिल हैं। दोनों फ्लाइट में 127 यात्री शाजापुर के हैं, जबकि भोपाल का एकमात्र यात्री है, जिसे पहली फ्लाइट से भेजा गया है।