हवा-पानी से करते हैं हमला भारत की सबसे घातक कमांडो फोर्स

 INDIA-PAKISTAN के तनाव के बीच कई बार आर्मी प्रेक्टिस होती रहती हैं। इस PRACTICE में INDIA की गरुड़ COMMANDO FORCE ने आतंकियों के काल्पनिक ठिकानों पर उतरकर लड़ाई की TRAINING करते हैं और अपनी शक्ति का अनुमान लगाते हैं

हवा-पानी से करते हैं हमला भारत की सबसे घातक कमांडो फोर्स

  भारत में गरुड़ इकलौती कमांडो फोर्स नहीं है। भारत की इंटरनल और एक्सटर्नल सुरक्षा के लिए कई कमांडो फोर्स काम करती हैं। जिनमें एनएसजी से लेकर एसपीजी तक सब की गिनती होती है। 

हवा-पानी दोनों में मारने में माहिर
– ये कमांडो फोर्स किसी भी हालात में दुश्मन का खात्मा करने के लिए ट्रेंड होते हैं। इन कमांडोज की ट्रेनिंग बहुत कड़ी होती है।
– ट्रेनिंग के दौरान इन्हें कई पड़ावों से गुजरना होता है। इसमें इन्हें हवा में, पानी में और जंगल में घात लगाकर मार करने की तकनीक सिखाई जाती है।
– आधुनिक हथियारों से लैस ये कमांडो रात के अंधेरे में भी दुश्मन को पहचान कर उनका खात्मा करने के लिए ट्रेंड होते हैं।
– मार्कोस, गरुड़, कोबरा जैसी फोर्सेस के कमांडोज की गिनती दुनिया के बेस्ट कमांडोज में होती है।
मार्कोस
इंडियन नेवी के स्पेशल कमांडोज। इसके लिए लिया जाने वाला टेस्ट 5 हफ्तों का होता है। जिसके पहले 3 दिन में ही 80 फीसदी फेल हो जाते हैं। मार्कोस को जल थल और हवा में लड़ने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। ये सिर्फ 27 सेकंड में रिस्पॉन्स करते हैं।
NSG 
पुलिस पैरामिलिट्री और सेना के तीनों कोरों के बेस्ट सोल्जर्स चुने जाते हैं। 26 11 अटैक में इन्होंने सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया था। 
SPG
सफारी सूट में दिखते हैं लेकिन खास मौके पर बंदूकों के साथ काली ड्रेस में भी देखा जाता है। बेहद इंटेलीजेंट और हर तरफ ऑपरेशन के अभ्यस्त। छिपे हुए खतरे को पहले से ही सूंध लेते हैं।
गरुड
AIRFOCE के गरुड़ COMMANDO को ढाई साल की कड़ी TRAINNING दी जाती है। इसके पास इजराइली तकनीक के हथियार होते हैं। PORTABLE LASSER DEZIGNATION SYSTEM द्धारा 20 किमी तक निशाना साध सकते हैं और पलक झपकते ही दुश्मनों का खातमा कर सकते हैं।
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