एक्शन में योगी सरकार: मुख्य सचिव ने खड़काया फोन, दफ्तर से नदारद थे 26 डीएम

योगी सरकार ने सत्ता में आते ही सबसे पहले प्रशासनिक अधिकारियों को समय पर दफ्तर आने का फरमान सुनाया था। लेकिन यूपी के 75 में से 26 जिलाधिकारी( डीएम) इस फरमान को पूरा करने में असमर्थ रहे। 17 जुलाई को मुख्य सचिव राजीव कुमार ने डीएम ऑफिस में फोन किया, लेकिन 26 डीएम ऑफिस में मौजूद नहीं थे।

जिन डीएम को फोन किया गया वे आज़मगढ़, बलिया, मऊ, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, झाँसी, जालौन, फतेहपुर, गोंडा , बाराबंकी, बदायूं, बिजनौर, बुलंदशहर, आगरा, मैनपुरी, अलीगढ, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, मेरठ व कासगंज के हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता में आते ही सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया था कि वे सुबह 9 बजे से 11 बजे तक अपने दफ्तर में मौजूद रहें और लोगों की शिकायत सुने। लेकिन जब सीएम ने औचक पता किया तो अफसर ऑफिस में नहीं थे। सभी डीएम को इस लापरवाही के लिए एक सूची जारी कर दी गई है लेकिन कोई एक्शन अब तक नहीं लिया गया है। सीएम योगी ने जून के महीने में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया था।
जिलाधिकारियों को आदेश
24 अप्रैल को सरकार ने आदेश जारी किया था कि अधिकारी सुबह 9 बजे से 11 बजे के भीतर दफ्तर में रहे।
जनता से बात करें और उनकी शिकायतें सुने। समस्याओं की फाइलों को खंगालकर देखें और समाधान निकाले।





