एक डॉलर से भी ज्यादा गिरी कच्चे तेल की कीमत, जानिए कारण…

तेल की कीमतों में सोमवार को 1 डॉलर प्रति बैरल से अधिक गिरावट आई है. जुलाई के बाद से कच्चे तेल (Crude Oil) का सबसे निचला स्तर है. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच तेल बाजार में हाल में बढ़ी मांग में फिर से कमजोरी आ रही है. इसे देखते हुए सऊदी अरब ने पांच महीने में पहली बार एशिया के लिए क्रूड की कीमतों एक बार फिर कटौती की है. बता दें कि इस साल मार्च में भी सऊदी अरब ने अपने तेल की कीमत घटाकर प्राइस वार शुरू कर दी थी, जिसके बाद क्रूड की वैश्विक कीमत में रिकॉर्ड गिरावट आई थी.

कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 2.1 फीसदी की गिरावट के साथ 41.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो 30 जुलाई के बाद सबसे निचला स्तर है. वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 2.3 फीसदी गिरकर 38.86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो 10 जुलाई के बाद सबसे निचला स्तर है.
सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने जून के बाद पहली बार एशिया के लिए अपने अरब लाइट की कीमत 1.4 डॉलर प्रति बैरल घटा दी. इसके बाद उसके तेल की कीमत सऊदी अरब द्वारा उपयोग किए जाने वाले बेंचमार्क से 50 सेंट कम हो गई.
सऊदी अरब, रूस और अन्य ओपेक प्लस सदस्यों के बीच अप्रैल में तेल का उत्पादन रोजाना करीब 1 करोड़ बैरल घटाने का समझौता हुआ. इसके बाद क्रूड की कीमत संभली और बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड मार्च के बाद अपने निचले स्तर से दो गुना ज्यादा उछला. लेकिन कोरोना वारयस के कारण दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगा दिए जाने के कारण एक बार फिर तेल की मांग में गिरावट आई है.





