उत्तराखंड सरकार का राजनीतिक संकट टला, बागी विधायकों को मनाया

phpThumb_generated_thumbnailएजेन्सी/देहरादून

हरीश रावत के नेतृत्व वाली उत्तराखण्ड सरकार पर गहराया राजनीतिक संकट टल गया है।खबरों के मुताबिक हरीश रावत ने बागी विधायकों को मना लिया है। खबर यह भी है कि बागी विधायक हरक सिंह को मनपसंद जगह से चुनाव लड़ने के लिए आश्वासन दिया है।
 
इससे पहले राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने दावा किया था कि एक दर्जन से ज्यादा विधायक पार्टी में बगावत करने को तैयार हैं। खबर है कि पार्टी की नीतियों से नाखुश करीब 13 विधायक विपक्ष की तरफ रुझान कर रहे हैं। बीजेपी के तीरथ रावत ने यह दावा किया कि सत्तारुढ़ पार्टी के 13 विधायक हमारे संपर्क में हैं।बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशयारी ने कहा कि शाम तक सब पता चल जाएगा। हम जनता की आवाज हैं। हालांकि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रोवत ने इन खबरों को सिरे से नकार दिया था और कहा कि सरकार पर किसी तरह का राजनीतिक संकट नहीं हैं।

हमारी सरकार सत्ता में बनी रहेगी क्योंकि हमारे पास जनता का आशीर्वाद हैं। वहीं उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी रावत के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि हमारी सरकार को कोई खतरा नहीं हैं। सारे विधायकों का समर्थन हमारे पास है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों में अमृता रावत, हरक सिंह रावत, शैला रानी, राजकुमार, नवप्रभात, उमेश शर्मा, राजेंद्र भंडारी, अनुसूया प्रसाद मैखुरी, जीत सिंह, सुबोध उनियाल, सुंदर लाल मंद्रवाल व गणेश गोदियाल का नाम शामिल है। फिलहाल अगर ये 13 विधायक मुख्यमंत्री के खिलाफ वोट करते हैं तो राज्य सरकार अल्पमत में आ सकती है। ऐसी स्थिति में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।

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