उत्तर प्रदेश में जारी है ठण्ड का कहर, 6 की मौत

गलन भरी सर्दी कहर बरपा रही है। ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक ने फिर छह लोगों की जान ले ली। सोमवार को हैलट के मेडिसिन इमरजेंसी में दोपहर दो बजे तक 32 मरीज आए जिनमें 11 ब्रेन स्ट्रोक के थे। ब्रेन स्ट्रोक के दो मरीजों रामेश्वर प्रसाद, मेहताब आलम ने हैलट में दम तोड़ दिया।

वहीं, हार्ट अटैक से बद्री प्रसाद मौर्या की मौत हुई। कार्डियोलॉजी में दिल के दौरे से तीन मरीजों की सांसें थमी गईं। मरने वालों में जरीब चौकी निवासी दयाल मिश्र, बिल्हौर निवासी दलजीत सिंह और कन्नौज की तिर्वा निवासी किरण शुक्ला हैं। दलजीत के बेटे के मुताबिक सुबह नहाने के बाद पिता ने चक्कर की शिकायत की उसके बाद पसीना आने लगा। उन्हें तत्काल लेकर चले। 10 किलोमीटर भी नहीं चल पाए थे कि कार की सीट पर लिटाना पड़ा पर उनकी आंखें बंद हो गईं। दलजीत सिंह को 10 साल से डायबिटीज की दवा चल रही थी।
कार्डियोलॉजी के डॉक्टर उमेश्वर पांडेय के मुताबिक ठंड से बचें। ब्लड प्रेशर की दवा दोबारा सेट कराएं। लापरवाही पर अटैक का खतरा बढ़ जाता है। उर्सला के डॉ. शैलेन्द्र तिवारी के मुताबिक अगर सिरदर्द हो रहा हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। सिर्फ पैरासिटामॉल लें। दरअसल लोग ठंड में लोग पानी कम पीते हैं इसलिए खून गाढ़ा होकर ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। हाई बीपी के मरीजों और बुजुर्गों को पानी ज्यादा पीना चाहिए।
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सिरदर्द से ब्रेन स्ट्रोक संभव
सर्दी में सिर दर्द को हल्के में नहीं लें। नीम-हकीम के चक्कर में न फंसें। सिरदर्द ब्र्रेन स्ट्रोक भी संभव है। वैसे सभी तरह के सिरदर्द ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण नहीं या खतरनाक नहीं होते हैं। ऐसा सिरदर्द जिसमें जी मिचलाए,आंखों के सामने अंधेरा हो जाए या उल्टी होने लगे तो अस्पताल पहुंचें। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पतालों में आने वाले ब्रेन स्ट्रोक के मरीज बेहद जटिल हालत में आ रहे हैं। मरीज ब्लड प्रेशर को लेकर जागरूक नहीं हैं। अधिकतर तो पांच साल से डायबिटीज की एक ही दवा खा रहे थे। शुगर बढ़ी तो बीपी भी बढ़ गया। ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों को भी वह भांप नहीं सके।
तनाव भी बड़ी वजह
तनाव की वजह से सबसे अधिक सिरदर्द रिपोर्ट किए जा रहे हैं। सामान्य रूप से यह धीरे-धीरे दिन के मध्य में शुरू होते हैं। लोगों को जब लगे कि उनके सिर के चारों ओर तनाव बन रहा है,सिर भारी लगने लगा। सुस्ती आ रही, दर्द गर्दन तक फैल गया है तो यह गम्भीर हो सकता है।
डिप्थीरिया के मामले भी बढ़े
सर्दी में डिप्थीरिया के मरीज भी बढ़ गए। बाल रोग ओपीडी और इमरजेंसी में मरीज आ रहे। संक्रामक रोग अस्पताल की ओपीडी में मरीज आ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक जिन बच्चों को डिप्थीरिया का टीका नहीं लगा है उन्हें यह बीमारी हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.मनीष वाजपेई के मुताबिक दरअसल ठंड में बच्चों को गले और सांस की नलियों में संक्रमण होता है। डिप्थीरिया का भी संक्रमण गले पर ही होता है।





