इस कैब ड्राइवर ने बर्थडे पार्टी पर यात्री को दिया ऐसा Gift, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर……..

मुंबई का एक कैब ड्राइवर इन दिनों अपनी ईमानदारी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. हर तरफ इस कैब ड्राइवर के ही चर्चे हैं. दरअसल, @DarthSierra नाम के एक ट्विटर यूजर ने इस कैब ड्राइवर से जुड़ी एक स्टोरी अपने अकाउंट पर शेयर की है, जिसमें उसने बताया कि कैसे इस ड्राइवर ने उसकी बर्थडे पार्टी को बर्बाद होने के साथ ही एक बड़े नुकसान से भी बचा लिया. @DarthSierra ने कैब ड्राइवर के साथ अपनी मुलाकात के बारे में एक के बाद एक ट्वीट करते हुए पूरी कहानी बताई है, जिसमें उन्होंने कैब ड्राइवर की ईमानदारी की तारीफ की है.
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘मैं ओला कैब में हुई एक घटना की रिपोर्ट करना चाहता हूं. मेरी मुलाकात आसिफ इकबाल अब्दुल गफ्फार पठान नाम के आपके एक ड्राइवर से हुई. जो हुंडई एक्सेंट का ड्राइवर है. मैं और मेरी पत्नी ने 10 जून 2019 को हीरनंदानी पोवई से एक कैब बुक की थी, मैं अपना जन्मदिन मनाने के लिए अपनी पत्नी के साथ पब जा रहा था, कि तभी रास्ते में तेज बारिश शुरू हो गई.’
उन्होंने आगे लिखा कि ‘इसी दौरान ड्राइबर ने अपनी पत्नी को फोन किया और उसे और बच्चों को बारिश में न निकलने के लिए कहा. फिर हमारे बीच में थोड़ी बात हुई कि मानसून की पहली बारिश कितनी खतरनाक हो सकत है. इसलिए इस मौसम में गाड़ी भी संभल कर चलानी चाहिए, ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो. इसी बीच हम पब पहुंच गए.’
उन्होंने आगे कहा- ‘हमने कैब से निकलते ही ड्राइवर को थैंक्यू कहा और दोस्तों से मिलने लगे. कुछ ही देर बाद मुझे पता चला कि मेरे पास मेरा पर्स नहीं है. पहले तो मैं घबरा गया, फिर मैंने तुरंत कैब ड्राइवर को कॉल किया और कहा कि वह एक बार कैब में चेक करे कि कहीं मेरा पर्स कैब में ही तो नहीं छूट गया. ड्राइवर ने तुरंत मेरा कॉल रिसीव किया और बताया कि मेरा पर्स उसके पास सुरक्षित है. उसने कहा कि जब वह अपने घर के लिए निकलेगा, तब वह रास्ते से पर्स देते हुए निकल जाएगा.’
‘कुछ देर बाद ड्राइवर आया और मुझे मेरा पर्स देते हुए मुझे बर्थडे विश किया. मैंने भी उसे धन्यवाद किया. जब मैंने उसे धन्यवाद कहा तो उसने मुझे बताया कि आज उसका भी जन्मदिन है और उसके बच्चे और पत्नी केक लेकर उसका इंतजार कर रहे हैं. जिसके बाद मैंने भी उसे विश किया और वह वहां से चला गया. इस तरह मेरा मुश्किल भरा दिन खत्म हुआ और एक अच्छे शख्स से मेरी मुलाकात हुई. सच ऐसे ही लोग बॉम्बे को बॉम्बे बनाते हैं.’





