इश्कबाज पूर्व कोतवाल पर मेहरबान कप्तान

सुलतानपुर, 14 जनवरी (UjjawalPrabhat.Com)। थाना नगर कोतवाली क्षेत्र के निवर्तमान इंस्पेक्टर नंद कुमार तिवारी की बात करें तो फिलवक्त आशनाई का मामला जोरशोर पर चल रहा है। जहां पर आईजी परिक्षेत्र फैजाबाद ओंकार सिंह का मानना है कि आरोपित इंस्पेक्टर नंद कुमार तिवारी के खिलाफ दर्ज मुकदमें की तफ्शीस किसी सक्षम क्षेत्राधिकारी द्वारा करायी जानी चाहिए, लेकिन वहीं क्षेत्राधिकारी नगर श्यामदेव बिंद की माने तो आरोपित पूर्व कोतवाल के खिलाफ जारी जांच को निष्पादित करने की प्रक्रिया विवेचक सतीश कुमार सिंह को दिये जाने को जायज ठहराया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या उत्तर प्रदेश पुलिस के खाकीधारियों में मतभेद की स्थिति कायम है या फिर इश्क मिज़ाज कोतवाल को बचाने की कवायद बेदस्तूर जारी है। कानूनविद श्याम मुरारी दीक्षित की माने तो आरोपित पूर्व कोतवाल के खिलाफ जारी विवचेना की जांच सक्षम, उच्चस्थ पदाधिकारियों द्वारा निष्पादित किये जाने का प्राविधान विधि प्रक्रिया में नियमित है, लेकिन मौजूदा परिस्थिति की बात करें तो सारी नियमावलियों को दरकिनार करते हुए उत्तर प्रदेश के सिपेहसलारों द्वारा खाकी के इकबाल पर दाग लगाने का कार्य जारी है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि समाजिकता से ऊपर उठकर कानून की लड़ाई लड़ने वाली पीड़िता बीनू (काल्पनिक नाम) को क्या न्याय की उम्मीद बरकरार रहेगी या फिर एसपी सुलतानपुर अनुराग वत्स के जुम्लों अपने पर रहम, गैरों पर सितम के तर्ज पर कानूनी प्रक्रिया को ताक पर रखते हुए इस प्रकरण की इतिश्री की जाएगी। वहीं बात करें तत्कालीन डीआईजी परिक्षेत्र ओंकार सिंह की तो उन्होंने इस विवेचना पर सवालिया निशान उठाते हुए कहा कि आरोपित के विरूद्ध सब-इंस्पेक्टर द्वारा विवेचना किया जाना न्यायसंगत नहीं है, लेकिन इंस्पेक्टर की कमी को देखते हुए विवेचना किसी भी स्थिति में सब-इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह को दी गयी थी, लेकिन मौके पर स्थिति को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स से वार्ता कर इस हाईप्रोफाइल मामले की विवेचना सक्षम प्राधिकारी (क्षेत्राधिकारी) द्वारा करायी जाएगी। तो वहीं पीड़िता बीनू की माने तो आरोपित पूर्व कोतवाल नंद कुमार तिवारी के गुर्गों द्वारा पीड़िता पर लगातार सुलह को लेकर दबाव का सिलसिला बेइंतहा जारी है। जिसको लेकर पीड़िता व उसका परिवार बेइंतहा खौफजदा है। ऐसे में यह कहना लाजमी नहीं होगा कि वक्त किसका परवाना होता है, लेकिन मददगार रब उसका होता है।
रिपोर्ट- आदित्य तिवारी  

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