इलेक्ट्र‍िक वाहनों पर घटेगा टैक्स रेट, GST काउंसिल आज करेगी फैसला

GST कौंसिल की आज एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है जिसमें इलेक्ट्र‍िक वाहनों पर टैक्स रेट कम करने को मंजूरी मिल सकती है. इसके अलावा वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद कई अन्य महत्वपूर्ण मसलों पर भी चर्चा करेगी.

वित्त मंत्रालय के अनुसार, जीएसटी परिषद की यह 36वीं बैठक गुरुवार को दोपहर 3 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा होगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली यह कौंसिल की दूसरी बैठक होगी. इसके पहले वह 21 जून की बैठक में शामिल हुईं थीं. इलेक्ट्रि‍क व्हीकल्स, चार्जर और इन वाहनों को किराये पर लेने से जुड़े कारोबार पर टैक्स रेट के बारे में फिटमेंट कमिटी ने अपनी सिफारिश की है जिस पर जीएसटी कौंसिल विचार करेगी.

ये हैं प्रमुख मसले

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इलेक्ट्र‍िक वाहनों पर टैक्स रेट 12 से घटाकर 5 फीसदी करने, चार्जर पर 18 से घटाकर 5 फीसदी करने और हायरिंग पर 18 से घटाकर 5 फीसदी करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा जीएसटी कौंसिल सोलर पावर जनरेटिंग सिस्टम और विंड टर्बाइन के मामले पर भी विचार करेगी. इसके बारे में भी फिटमेंट कमिटी की सिफारिश को जीएसटी कौंसिल के सामने रखा जाएगा. इसके अलावा एक मसला लॉटरी पर देश भर में एक समान जीएसटी रेट का भी है जिस पर परिषद विचार करेगी.

21 जून की बैठक में समिति ने कहा था कि इन पर जीएसटी रियायतों के बारे में फिटमेंट कमिटी जांच करेगी और उसकी सिफारिश को अगली बैठक में रखा जाएगा. अगर इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी रेट घटाए जाते हैं तो यह ई-वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महीने के भीतर दूसरा बड़ा कदम होगा.

इसके पहले 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को इसके लोन के  ब्याज भुगतान पर 1.5 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलेगा. सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों पर पार्किंग मुफ्त और टोल टैक्स न लेने के प्रस्ताव पर पहले ही काम कर रही है.  

सरकार के इन कदमों से महिंद्रा, हुंडई, टाटा, बीएमडब्ल्यू जैसी कार कंपनियों और हीरो इलेक्ट्र‍िक, रीवोल्ट इंटेलीकॉर्प, काइनेटिक ग्रीन, टॉर्क मोटर्स जैसी इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को होगा. मोदी सरकार ई-वाहनों के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा देना चाहती है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में भी कहा था वह भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का हब बनाना चाहती हैं. इसके लिए बैटरी, चार्जिंग प्वाइंट जैसे बुनियादी ढांचे पर तेजी से काम किया जा रहा है. सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हाईवे पर विशेष लेन बनाने पर भी विचार कर रही है और जल्द फैसला हो सकता है.  

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