इतिहास की इस कथा से जुड़ा है PM का गांव वडनगर, जानें इसकी कुछ अनसुनी बातें

अपने प्रधानमंत्री बेटे का स्वागत वडनगर दोनों हाथ फैलाकर कर रहा है। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी पहली बार अपने पैतृक गांव पहुंचे और उन्होंने अपने गांव को मेडिकल कॉलेज, अस्पताल की सौगात दी। जहां वो बचपन में चाय बेचा करते थे रविवार को उस रेलवे स्टेशन की नई बिल्डिंग का उद्घाटन भी करेंगे। इतिहास की इस कथा से जुड़ा है PM का गांव वडनगर, जानें इसकी कुछ अनसुनी बातें

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद वडनगर नए रूप रंग में ढल रहा है। वडनगर स्टेशन पर जहां मोदी बचपन में चाय बेचा करते थे उसे गुजरात पर्यटन और रेल मंत्रालय मिलकर पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित कर रहा है।  

17 सितम्बर 1950 को वडनगर में  जन्में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा भी यहीं से हुई थी।  

वडनगर शहर का इतिहास अनगिनत यादें समेटे हुए एक प्राचीन नगर है

वडनगर कस्बा का इतिहास अनगिनत यादें समेटे हुए एक प्राचीन नगर है। बहुत कम लोगों को पता होगा कि उस नगर का अतीत भव्यता से पूर्ण था। वडनगर में  भगवान की बुद्ध की गुफाएं और सोलंकी शासकों के बनवाए स्मारक भी हैं। यहां एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शर्मिष्ठा झील है और सीढ़ियों वाला कुआं भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। 

वडनगर का इतिहास महाभारत काल से भी जुड़ा है। बताया जाता है कि इसे पहले आनंदपुरा के नाम से जाना जाता था। महाभारत काल में अनार्ता राजवंश का शासन था। आखिरी बार अनार्ता शासन का जिक्र 7वीं शताब्दी में मिला है जब चाइनीज यात्री शुआंगजांग यहां आए थे। आनंदपुरा को अब वडनगर के नाम से जाना जाता है। इसे ब्राह्मणों का नगर भी कहा जाता था। 2009 में पुरातत्व विभाग को वडनगर 4 किलोमीटर लंबा दुर्ग भी मिला है। कहा जाता है कि वडनगर पहले गुजरात की राजधानी हुआ करता था। शहर छह गेटों से घिरा है, हर एक गेट का नाम अर्जुन बारी, नादीओल, अरथोल, घसकोल, पिथोरी और अमरथोल है। वहीं कपिला नदी भी वडनगर से होकर गुजरती है।

स्मारकों के साथ पर्यटक मोदी के घर को देखने भी पहुंच रहे हैं

वडनगर में ही गायिका ताना और रीरी का जन्म भी हुआ था। कहा जाता है कि जब तानसेन ने दरबार में राग दीपक गाया था और उनका शरीर उसके बाद पूरी तरह से झुलस गया था तब तानसेन देशभर में ईलाज के लिए भटक रहे थे तब  इन दोनों बहनों के गाए राग मलहार के बाद उनका ताप कम हुआ था।

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वडनगर को पहले टूरिस्ट एतिहासक स्मारकों को देखने आते थे लेकिन अब इन स्मारकों के साथ पर्यटक मोदी के घर को देखने भी पहुंच रहे हैं।  टूरिज्म कॉरपोरेशन ऑफ गुजरात (टीसीजीएल) की वेबसाइट पर ‘ए राइज फ्रॉम मोदीज विलेज’ के नाम से वडनगर टूर पैकेज भी है। 
 
 
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