आषाढ़ में 220 एमएम, सावन में सिर्फ 20% बरसे बदरा, अब भादो से उम्मीद

रोहतक। छह साल में पहली बार आषाढ़ महीने में अच्छी बरसात दर्ज की गई। 220 एमएम बरसात होने से आषाढ़ में गर्मी का असर भी कम रहा, लेकिन सावन इस बार कुछ सूखा ही बीत गया। सावन में मात्र 57 एमएम बरसात ही दर्ज की गई है, जोकि औसत से कम मानी गई है। अब भादो के महीने से उम्मीद की जा रही है। भादो की शुरुआत मंगलवार 8 अगस्त से हो रही है, लेकिन इसी के साथ मानसूनी बरसात के लिए ऊपरी हवा में चक्रवात भी बन रहा है, जोकि छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश से होते हुए दिल्ली हरियाणा की ओर से बढ़ रहा है। अब दो दिन 8 और 9 अगस्त को तेज बरसात की संभावना जताई जा रही है।
आषाढ़ में 220 एमएम, सावन में सिर्फ 20% बरसे बदरा, अब भादो से उम्मीद
वहीं पश्चिमी विक्षोभ का भी प्रभाव उत्तर भारत में बना हुआ है। ऐसे में भादो के महीने में ही बरसात की झड़ी भी लग सकती है। सोमवार को ही दोपहर बाद से हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे कई दिन से बनी उमस ने आंशिक राहत भी दी।

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अभी बरसात के 54 दिन 
मौसमविशेषज्ञों का कहना है कि मानसून सितंबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश से विदाई लेगा। प्रदेश में जून से सितंबर तक करीब 466 एमएम बरसात होती रही है। यह सामान्य बरसात है। हरियाणा में बारिश कम हुई लेकिन अभी बरसात के करीब 54 दिन हैं। ऐसे में भरपाई हो सकती है। 

अब तक 304 एमएम बरसात
शहरकी बारिश औसत के नजदीक पहुंच गई हैं। शहर में साल की सामान्य बरसात औसतन 531 एमएम के करीब मानी गई है, जबकि एक जून से 30 सितंबर तक जिले में 509 एमएम बरसात होती है। इस बार यहां यह आंकड़ा अब तक 304 एमएम तक पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी औसत बरसात की उम्मीद है। इससे यह लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
 
 
 
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