आतंकियों ने गोली चलाई तो उन्हें बुके की उम्मीद नहीं करनी चाहिए: राज्यपाल सत्यपाल मलिक

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आतंकवाद पर कड़े तेवर दिखाते हुए कहा है कि यदि आतंकियों ने गोली चलाई तो उन्हें बुके की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। अगस्त से अब तक 40 से अधिक आतंकी मारे जा चुके हैं। उनकी उम्र बहुत लंबी नहीं है। पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है। कुल मिलाकर राज्य में स्थिति बहुत गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि उनकी यह धारणा सरकारी ब्रीफिंग से नहीं बनी है बल्कि आम जनता की ओर से भी इसी प्रकार का फीडबैक मिला है। कहा कि उन्होंने युवाओं के कई संगठनों की बात ध्यान से सुनी है। वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि 13-20 साल के युवा समूहों की जरूरतों को पूरा किया जाना आज के समय की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि रिसर्च स्कालर से आतंकी बने मन्नान वानी के मारे जाने के बाद गलत सूचनाओं के आधार पर कथा गढ़ दी गई। कई पढ़े लिखे लोग गलत काम करते हैं। घाटी में लगभग 400 आतंकी सक्रिय हैं। भारत जैसे देश के लिए इन 400 आतंकियों से छुटकारा पाना कोई मुश्किल काम नहीं है। लेकिन प्रयास यह है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म किया जाए न कि आतंकियों को। आतंकवाद बंदूक में नहीं है बल्कि यह दिमाग में है। वह प्रयास कर रहे हैं कि दिमाग में भरे आतंकवाद के विष को निकाला जाए। श्रीलंका के एलईटी का उदाहरण देते हुए कहा कि आतंकवाद से क्या हासिल हुआ।





