आज 200 बसों से 9000 कश्मीरी पंडित जाएंगे श्री माता खीर भवानी मंदिर

श्री माता खीर भवानी का दर्शन करने जम्मू से शनिवार को 200 बसों से 9000 से ज्यादा प्रवासी कश्मीरी पंडित गांदरबल जाएंगे। जम्मू से गांदरबल तक जाने-आने, खानपान और रहने की पूरी व्यवस्था राहत एवं पुनर्वास विभाग की तरफ से नि:शुल्क रहेगी। दिल्ली से विशेष रूप से जेकेएसआरटीसी की तीन बस से सौ से अधिक श्रद्धालु भी पहुंचेंगे। पिछले साल पहलगाम हमले के चलते माता खीर भवानी मंदिर जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी कम थी। बमुश्किल तीन हजार लोग गए थे लेकिन इस बार सुरक्षा और सुविधा बढ़ने से संख्या लगभग तिगुनी हो गई है।
20, 21 और 22 को माता के दरबार में सेवा कर कश्मीरी पंडित 23 जून को जम्मू लौटेंगे। राहत एवं पुनर्वास आयुक्त डॉ. अरविंद कारवानी खुद व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं। शनिवार की सुबह 6.30 बजे प्रवासी शिविर जगती से सभी श्रद्धालुओं को नाश्ता कराने के बाद बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। दोपहर करीब 12 बजे रामबन में श्रद्धालुओं के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई है।
शाम को गांदरबल पहुंचने पर सभी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में रोका जाएगा। इसके अलावा तुलमुल्ला स्थित माता खीर भवानी मंदिर परिसर में लगे वाटरप्रूफ टेंट और नवनिर्मित यात्री निवास में भी सैकड़ों श्रद्धालु रहेंगे। डॉ. कारवानी ने बताया कि दूसरे दिन 21 जून को मंदिर परिसर में आयोजित भव्य पूजा-अर्चना में विभिन्न जगहों से आए 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होंगे। 22 जून को सभी ऐतिहासिक मेला का मजा लेंगे। उन्होंने बताया कि 23 जून को सभी वापसी करेंगे। इस पूरी यात्रा के दौरान किसी से भी एक रुपये भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।
घाटी में अन्य स्थलों का भी श्रद्धालु करेंगे दर्शन
गांदरबल के तुलमुल्ला स्थित माता खीर भवानी मंदिर के अलावा घाटी में चार अन्य जगह भी माता का अंश विराजमान है। 21 से 22 जून के मध्य कश्मीरी पंडितों को इन स्थलों का भी भ्रमण कराया जाएगा। इसमेंकुपवाड़ा का टीकर, कुलगाम स्थित मंजगाम और देवशर, अनंतनाग जिले में लोगरीपोरा स्थित माता खीर भवानी माता मंदिर का श्रद्धालु दर्शन करेंगे।
जानीपुर और जगती में भी जगमग हुआ मंदिर
जम्मू में जानीपुर और प्रवासी शिविर जगती में भी श्री माता खीर भवानी का मंदिर है। इन दोनों जगहों पर जिला प्रशासन साफ-सफाई, सुरक्षा, शौचाल, पेयजल, बिजली व अन्य सुविधाएं मुहैया करा रहा है। भव्य सजावट की गई है। राहत एवं पुनर्वास आयुक्त डॉ. अरविंद कारवानी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
जम्मू सेे श्री माता खीर भवानी मंदिर तक श्रद्धालुओं को ले जाने, खानपान और रहने की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क की गई है। पिछले साल पहलगाम हमले के चलते भक्तों की संख्या कम थी लेकिन इस बार नौ हजार से अधिक श्रद्धालु जा रहे हैं। सभी को बेहतर सुरक्षा और सुविधा प्रदान की जाएगी।– डॉ. अरविंद कारवानी, राहत एवं पुनर्वास आयुक्त जम्मू-कश्मीर





